आई जी राजनांदगांव ने की कबीरधाम पुलिसिंग की समीक्षा, अनुशासन और जनता से जुड़ाव के निर्देश दिए
कवर्धा :- राजनांदगांव रेंज के नवपदस्थ पुलिस महा निरीक्षक बालाजी राव सोमावार द्वारा आज दिनांक 10.02.2026 को कबीरधाम जिले का एक दिवसीय दौरा किया गया। इस अवसर पर जिला पुलिस कार्यालय में कबीरधाम पुलिस के समस्त राजपत्रित अधिकारियों एवं थाना एवं चौकी प्रभारियों की विस्तृत बैठक ली गई।
बैठक के दौरान पुलिस महानिरीक्षक बालाजी राव सोमवार ने जिले की कानून-व्यवस्था, अपराध की प्रवृत्ति, विवेचना की गुणवत्ता तथा पुलिसिंग की समग्र कार्यप्रणाली की गंभीरता से समीक्षा की। उन्होंने कहा कि पुलिस सेवा केवल एक शासकीय दायित्व नहीं, बल्कि समाज के प्रति एक संवैधानिक जिम्मेदारी है, जिसे पूर्ण निष्ठा, ईमानदारी और पेशेवर दृष्टिकोण के साथ निभाया जाना आवश्यक है।
उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि पुलिस की कार्यप्रणाली का केंद्र बिंदु जनता होनी चाहिए। प्रत्येक अधिकारी एवं कर्मचारी का व्यवहार संवेदनशील, संयमित एवं मर्यादित होना चाहिए, जिससे आम नागरिक निडर होकर पुलिस से संपर्क कर सके। उन्होंने कहा कि जनता का विश्वास अर्जित करना और उसे बनाए रखना पुलिस का सबसे महत्वपूर्ण कर्तव्य है।
पुलिस महानिरीक्षक ने पुलिस अनुशासन पर विशेष बल देते हुए कहा कि वर्दी केवल पहचान नहीं, बल्कि जिम्मेदारी, अनुशासन और सेवा-भाव का प्रतीक है। ड्यूटी के दौरान निर्धारित वर्दी का सुव्यवस्थित, स्वच्छ एवं नियमों के अनुरूप पहनावा, शालीन भाषा, संतुलित व्यवहार और पेशेवर आचरण अनिवार्य रूप से सुनिश्चित किया जाए। किसी भी स्तर पर अनुशासनहीनता, असंयमित व्यवहार अथवा अशोभनीय प्रस्तुति पुलिस की छवि को धूमिल करती है और इसे कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
उन्होंने बेसिक पुलिसिंग को प्रभावी बनाने हेतु नियमित पैदल एवं वाहन पेट्रोलिंग, बीट सिस्टम की सक्रिय निगरानी, रात्रि गश्त की सुदृढ़ व्यवस्था तथा थाना स्तर पर प्राप्त शिकायतों का त्वरित, निष्पक्ष और गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि थाना आम नागरिक के लिए न्याय का पहला केंद्र होता है, इसलिए वहां कार्यरत प्रत्येक अधिकारी एवं कर्मचारी का दायित्व और अधिक बढ़ जाता है।
पुलिस महानिरीक्षक ने गंभीर एवं संवेदनशील अपराधों जैसे हत्या, महिला एवं बाल अपराध, साइबर अपराध, अवैध नशा तस्करी, संगठित अपराध एवं सामाजिक शांति को प्रभावित करने वाले मामलों में त्वरित, निष्पक्ष और कानूनी दृष्टि से मजबूत विवेचना पर विशेष जोर दिया। उन्होंने निर्देशित किया कि विवेचना में किसी भी प्रकार की लापरवाही या तकनीकी त्रुटि दोषियों को लाभ पहुंचाती है, जिसे किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा।
बैठक में उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि जो अधिकारी एवं कर्मचारी अपने कर्तव्यों का निर्वहन ईमानदारी, अनुशासन और उच्च पेशेवर मानकों के साथ करेंगे, उत्कृष्ट कार्य करेंगे तथा जनता के प्रति संवेदनशीलता दिखाएंगे, उन्हें निश्चित रूप से प्रशंसा पत्र, पुरस्कार एवं विभागीय सम्मान प्रदान किए जाएंगे। वहीं जो अधिकारी या कर्मचारी अपने कर्तव्यों में गैर-जिम्मेदारी, लापरवाही, अनुशासनहीनता अथवा उदासीनता बरतेंगे, उनके विरुद्ध नियमानुसार कठोर विभागीय एवं कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने यह भी स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि किसी भी स्तर पर अवैध गतिविधियों में संलिप्तता, अपराधियों से सांठगांठ, भ्रष्टाचार या कर्तव्य से विमुखता पाई जाती है, तो संबंधित अधिकारी या कर्मचारी को किसी भी प्रकार का संरक्षण नहीं दिया जाएगा और उनके विरुद्ध सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
इसके अतिरिक्त उन्होंने साइबर अपराधों की बढ़ती चुनौती को देखते हुए आधुनिक तकनीक के उपयोग, डिजिटल साक्ष्यों के वैज्ञानिक संकलन, तथा आम नागरिकों को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक करने हेतु निरंतर अभियान चलाने पर बल दिया। नशा तस्करी एवं अवैध गतिविधियों के विरुद्ध निरंतर, सुनियोजित और परिणामोन्मुख कार्रवाई के निर्देश भी दिए गए।
बैठक में पुलिस अधीक्षक धर्मेन्द्र सिंह (आईपीएस), अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पुष्पेन्द्र बघेल एवं अमित पटेल तथा जिले के समस्त अनुविभागीय अधिकारी पुलिस, राजपत्रित अधिकारी एवं थाना एवं चौकी प्रभारी उपस्थित रहे।
पुलिस महानिरीक्षक बालाजी राव सोमावार ने कहा कि पुलिस सेवा अनुशासन, समर्पण और जनसेवा का कार्य है। सभी अधिकारी एवं कर्मचारी टीम भावना के साथ कार्य करते हुए कानून-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करें, अपराधियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करें तथा जनता के बीच पुलिस की पेशेवर, संवेदनशील और विश्वसनीय छवि को और अधिक मजबूत बनाएं।
