जी हां! अब सचमुच नाचने, झूमने लगा है हमारा बस्तर
-अर्जुन झा- जगदलपुर। टुकनी धर के आबे गोरी तैं मौहा बीने ला, में हा आहूं तोर ले मिले बर, दुनो नाच लेबो, झूम लेबो, गाबो...
-अर्जुन झा- जगदलपुर। टुकनी धर के आबे गोरी तैं मौहा बीने ला, में हा आहूं तोर ले मिले बर, दुनो नाच लेबो, झूम लेबो, गाबो...