रावघाट-अंजरेल माइंस के 182 श्रमिक रोजगार की मांग को लेकर पहुंचे कलेक्ट्रेट, सौंपा ज्ञापन
जगदलपुर। रावघाट अंजरेल माइंस में कार्यरत श्रमिक रविवार को अपनी रोजगार संबंधी समस्याओं को लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचे और श्रम विभाग के नाम ज्ञापन सौंपकर शीघ्र समाधान की मांग की।श्रमिकों ने बताया कि अंजरेल माइंस में वर्ष 2022 से कार्यरत 182 कर्मचारियों के समक्ष रोजगार का संकट खड़ा हो गया है।
जय गुरुदेव श्रमिक संघ रावघाट खदान के बैनर तले पहुंचे श्रमिकों ने बताया कि माइंस में कार्य कर रही देव माइनिंग कंपनी का एक्सटेंशन 20 जून 2026 को समाप्त हो गया है। इसके बाद कंपनी द्वारा कर्मचारियों को कार्य बंद होने की सूचना दी गई है, जिससे 182 श्रमिकों के समक्ष रोजगार और आजीविका का संकट उत्पन्न हो गया है। श्रमिकों का कहना है कि उन्हें पूर्व में आश्वासन दिया गया था कि ठेका परिवर्तन होने की स्थिति में भी सभी कर्मचारियों को रोजगार दिया जाएगा, लेकिन अब तक इस संबंध में कोई स्पष्ट व्यवस्था नहीं की गई है।उन्होंने प्रशासन और बीएसपी प्रबंधन से मांग की है कि सभी कर्मचारियों को तत्काल रोजगार उपलब्ध कराया जाए तथा सेवा पुस्तिका, पीएफ, ईपीएफ, अनुभव प्रमाण-पत्र, बीमा, ईएसआई, चिकित्सा सुविधा और अन्य श्रमिक हितों से जुड़ी सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं। ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया है कि जब तक 182 कर्मचारियों की पुनर्नियुक्ति नहीं हो जाती, तब तक उनके वेतन भुगतान और अन्य दायित्वों की जिम्मेदारी संबंधित प्रबंधन द्वारा ली जाए। श्रमिकों ने चेतावनी दी है कि यदि समय पर उनकी मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई तो वे आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे, जिसकी जिम्मेदारी संबंधित प्रबंधन की होगी। श्रमिकों ने प्रशासन से मामले में हस्तक्षेप कर रोजगार सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रमिक कलेक्ट्रेट परिसर में उपस्थित रहे।
