दस लाख का जुर्माना और दस साल की सजा गरीबों पर जुल्म बघेल



जगदलपुर :- बस्तर के विधायक लखेश्वर बघेल ने केंद्र की मोदी सरकार द्वारा वाहन चालकों के लिए बनाए गए कानून को जनविरोधी और वाहन चालकों से रोजगार छीनने वाला कदम बताया है।
लखेश्वर बघेल ने कहा है कि मोदी सरकार सत्ता के मद में चूर होकर लगातार जन विरोधी कानून बना रही है। अपने पूंजीपति मित्रों के इशारे पर किसानों के लिए बनाए गए तीन काले कानून जिसे करीब 650 किसानों की मौत के बाद वापस लिया गया। अब करीब डेढ़ सौ विपक्षी सांसदों को सस्पेंड करवा कर मोदी सरकार ने यह काला कानून लाया है। श्री बघेल ने कहा कि अनाजों और उड्डयन सेवा के बाद पूंजीपतियों की नजर देश के सड़क परिवहन व्यवसाय पर है। परिवहन व्यवसाय से करीब 22 करोड़ वाहन चालक और उनके परिवारों का गुजर बसर चलता है। इनमें से अधिकांश गरीब तबके के हैं। वाहन चालकों को 10 -12 हजार रुपये से ज्यादा मासिक मेहनताना भी नहीं मिलता। नए कानून के तहत दुर्घटना के बाद वाहन छोड़कर फरार होने, घायल को अस्पताल नहीं पहुंचाने पर चालकों पर दस लाख रुपये जुर्माना और दस साल की सजा का प्रावधान रखा गया है। यह गरीबों पर अत्याचार है। वाहन चालकों की आर्थिक स्थिति ऐसी नहीं है कि वे दस लाख का जुर्माना भर सकें। कोई भी वाहन चालक जानबूझकर दुर्घटना करता नहीं। तो दो साल की सजा को बढ़ाकर दस साल करना एक तरह से सत्ता और कानून का दुरुपयोग है। बस्तर विधायक लखेश्वर बघेल ने कहा कि सड़क दुर्घटना के बाद स्थानीय लोगों का उग्र होना स्वभाविक है और देश में जिस तरह से मॉब लीचिंग के मामले बढ़ रहे हैं, उसे देखते हुए कोई भी वाहन चालक दुर्घटना के बाद वहां रुकने या घायल को अस्पताल पहुंचाने की जहमत उठाना नहीं चाहता। इस नए कानून के बाद कोई दीगर भी उसे अस्पताल पहुंचाने के पचड़े में पड़ना नहीं चाहेगा। इससे मौत के आंकड़ों में इजाफा होगा। श्री बघेल ने कहा कि सिर्फ ट्रक और बस चालक ही नहीं, अन्य दुपहिया वाहन और कार चालक भी इस कानून की जद में हैं। इस कानून का एक ही उद्देश्य है गरीबों से लूटकर उन्हें जेल भेजकर सरकारी खजाना भरना और पूंजीपतियों को परिवहन व्यवसाय सौंपकर वाहन चालकों को उनका गुलाम बनाना। विधायक ने कहा कि कांग्रेस पार्टी और सम्पूर्ण विपक्ष चालकों के खिलाफ लाए गए इस काले कानून का पुरजोर विरोध करेगा और 2024 के लोकसभा चुनाव में मोदी सरकार को उखाड़ फेंकेगा।

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