विकसित भारत 2047 के संकल्प को पूरा करने की दिशा में ठोस कदम है बजट – जसविंदर बग्गा
कवर्धा,,,देश की माननीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण जी द्वारा प्रस्तुत केंद्रीय बजट 2026–27 सिर्फ आंकड़ों का दस्तावेज नहीं है, बल्कि विकसित भारत, आत्मनिर्भर भारत और सशक्त भारत की स्पष्ट रूपरेखा है।
यह बजट गरीब, किसान, युवा, महिला और मध्यम वर्ग—सभी को साथ लेकर चलने वाला बजट है।
इस बजट में सरकार ने पूंजीगत व्यय को और बढ़ाया है, जिससे सड़क, रेल, बिजली, आवास और कनेक्टिविटी के क्षेत्र में बड़े पैमाने पर काम होगा। इसका सीधा लाभ यह होगा कि देश के युवाओं को रोजगार मिलेगा और स्थानीय अर्थव्यवस्था मजबूत होगी।
रेल और इंफ्रास्ट्रक्चर को लेकर यह बजट ऐतिहासिक है।
नई रेल परियोजनाएं, हाई-स्पीड कॉरिडोर और लॉजिस्टिक्स नेटवर्क से देश की रफ्तार तेज होगी। इससे व्यापार सस्ता होगा और आम नागरिक का समय बचेगा।
यह बजट मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत को नई ऊंचाई देता है।
सेमीकंडक्टर, मैन्युफैक्चरिंग, बायोटेक्नोलॉजी और नई तकनीकों पर विशेष जोर दिया गया है, ताकि भारत केवल उपभोक्ता नहीं बल्कि वैश्विक उत्पादन केंद्र बने।
छोटे उद्योग देश की रीढ़ हैं। इस बजट में MSME के लिए विशेष फंड, सस्ती वित्तीय सहायता और आसान नियमों की व्यवस्था की गई है, जिससे छोटे उद्यमी आगे बढ़ सकें और नए रोजगार पैदा हों।
स्वास्थ्य क्षेत्र में भी यह बजट राहत लेकर आया है।
कई जीवन-रक्षक दवाइयों को सस्ता किया गया है, जिससे गरीब और मध्यम वर्ग को बड़ा लाभ मिलेगा। सरकार का साफ संदेश है — इलाज किसी पर बोझ नहीं होना चाहिए।
कर प्रणाली को सरल और मानवीय बनाने की दिशा में भी यह बजट एक मजबूत कदम है।
ईमानदार टैक्सपेयर्स को सहूलियत, प्रक्रियाओं में सरलता और अनावश्यक बोझ से राहत — यही इस बजट की सोच है।
महिलाओं और युवाओं के लिए यह बजट आत्मनिर्भरता का बजट है।
कौशल विकास, शिक्षा, स्टार्टअप और स्वरोजगार के नए अवसर तैयार किए गए हैं ताकि युवा नौकरी मांगने वाला नहीं, नौकरी देने वाला बने।
यह बजट केवल आज की जरूरतों को नहीं, बल्कि आने वाले 25 वर्षों के भारत को ध्यान में रखकर बनाया गया है।
यह बजट विश्वास, विकास और विजन का बजट है।
