आईईडी ब्लास्ट दुखद, नक्सलमुक्त छत्तीसगढ़ का दावा झूठा: सुशील मौर्य
जगदलपुर। माओवादियों द्वारा बस्तर संभाग के कांकेर जिले में लगाए गए आईईडी ब्लास्ट में एक इंस्पेक्टर और तीन जवानों की शहादत पर दुख व्यक्त करते हुए बस्तर जिला शहर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सुशील मौर्य ने नक्सलमुक्त बस्तर और नक्सलमुक्त छत्तीसगढ़ के सरकारी दावे को पूरी तरह झूठा करार दिया है।
बस्तर जिला शहर कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष सुशील मौर्य ने कांकेर की घटना को दुखद बताते हुए शहीद जवानों को श्रद्धांजलि दी है। श्री मौर्य ने कहा- यह घटना अत्यंत दुखद और हृदयविदारक है। मैं शहीद इंस्पेक्टर और तीनों साहसी जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं। ईश्वर उनकी आत्माओं को शांति प्रदान करें और उनके शोकसंतप्त परिजनों को इस असहनीय दुख को सहन करने की शक्ति दें। घायल जवानों का समुचित इलाज सुनिश्चित किया जाए और उन्हें शीघ्रातिशीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं। उन्होंने आगे कहा, कि यह घटना स्पष्ट रूप से साबित करती है कि छत्तीसगढ़ को नक्सलमुक्त बताने वाले सरकार के दावे पूरी तरह झूठे और हवा हवाई हैं। नक्सलवाद अभी भी बस्तर की धरती पर अपना साया बिखेर रहा है। सरकार को जनता को धोखा देने वाली बयानबाजी बंद करनी चाहिए और वास्तविक समाधान पर ध्यान देना चाहिए।
बारूदी सुरंग हटाने विशेष मुहिम चलाएं
श्री सुशील मौर्य ने कहा कि पूरे बस्तर क्षेत्र में आईईडी और प्रेशर बम जैसी घातक बारूदी सुरंगों का जाल बिछा हुआ है। इनकी संख्या का अनुमान लगाना भी मुश्किल है। सरकार तुरंत इन खतरनाक बारूदी सुरंगों को निष्क्रिय करने के लिए विशेष अभियान चलाए। ये सुरंगें न केवल सुरक्षा बलों के लिए, बल्कि आम आदिवासियों और स्थानीय नागरिकों तथा उनके मवेशियों के लिए भी घातक हैं। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि बस्तर में शांति स्थापना के लिए ठोस और समयबद्ध कार्ययोजना बनाई जाए। सुरक्षा बलों को आधुनिक उपकरण और प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाए। प्रभावित क्षेत्रों में विकास कार्यों को तेज किया जाए ताकि स्थानीय जनजीवन सामान्य हो सके।
श्री सुशील मौर्य ने कहा कि बस्तर के लोग लंबे समय से नक्सलवाद का दंश झेलते आ रहे हैं। अब उन्हें शांति और सुरक्षा का अधिकार है। सरकार अपनी जिम्मेदारी से मुंह न मोड़े और बस्तर को नक्सलमुक्त बनाने के लिए जमीनी प्रयास करे।
