बस्तर की उड़न परी कुसुम शार्दुल को हल्बा समाज ने किया सम्मानित
जगदलपुर। मार्च माह में आयोजित बस्तर हैरिटेज मैराथन में 42 किलोमीटर की फुल मैराथन में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाली बस्तर की बेटी और उड़न परी कुसुम शार्दूल को 32 गढ़ महासभा हल्बा समाज ने गढ़ मधोता में आयोजित समारोह में सम्मानित किया।
हल्बा समाज ने अपनी बेटी की उपलब्धि को गौरव का विषय बताते हुए कहा कि कुसुम ने पूरे बस्तर अंचल का नाम रौशन किया है। कुसुम ने मैराथन की चुनौतीपूर्ण दूरी मात्र 3 घंटे 18 मिनट 43 सेकंड में पूरी कर अपनी दृढ़ता और मेहनत का परिचय दिया था। ग्रामीण पृष्ठभूमि से आने वाली कुसुम की यह सफलता क्षेत्र की अन्य युवतियों के लिए प्रेरणा बन गई है। सम्मान समारोह में समाज के पदाधिकारियों ने कुसुम को मंच पर बुलाकर शील्ड, शॉल, श्रीफल और सहयोग राशि भेंट की। इस दौरान उपस्थित लोगों ने तालियों की गड़गड़ाहट के साथ उनका स्वागत किया। कार्यक्रम में हल्बा समाज के अध्यक्ष रतुराम मांझी ने कहा कि कुसुम की जीत यह साबित करती है कि लगन और परिश्रम से कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। सचिव गुड्डू नाग और कोषाध्यक्ष पदम नाग ने कहा कि कुसुम जैसी बेटियां समाज के लिए गर्व का विषय हैं। संरक्षक परशुराम माझी, न्याय समिति अध्यक्ष लक्ष्मीनाथ मांझी, महिला अध्यक्ष कमला मांझी ने भी कुसुम के उज्ज्वल भविष्य की कामना की। समारोह में सुखदास नाग, रणवीर कोकड़िया, घसु मांझी, लखमू नाग, भोला शांडिल्य, बजनाथ शांडिल्य, महेश्वर, रामनिवास देहारी सहित समाज के वरिष्ठजन, युवा और महिलाएं बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। सभी ने कहा कि कुसुम की उपलब्धि बस्तर की बेटियों को खेल और शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेगी। पदाधिकारियों ने उम्मीद जताई कि कुसुम आगे चलकर राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर भी बस्तर का गौरव बढ़ाएगी और अंतर्राष्ट्रीय धाविका उड़न परी पी टी उषा की तरह ख्याति अर्जित करेगी।
