सोशल मीडिया के जरिए बस्तर की आदिवासी संस्कृति को देश दुनिया तक पहुंचा रहे हैं जोजल गांव के युवा अस्तु नाग



जगदलपुर बस्तर की धरती हमेशा से अपनी अनोखी आदिवासी संस्कृति, खान पान और रीति रिवाजों के लिए जानी जाती रही है। लेकिन बदलते समय के साथ आज की युवा पीढ़ी अपनी पारंपरिक जीवनशैली से दूर होती जा रही है। ऐसे समय में जगदलपुर विकासखंड के ग्राम पंचायत पुसपाल जोजल गांव के रहने वाले युवा अस्तु नाग ने अपनी संस्कृति को बचाने और उसे लोगों तक पहुंचाने का एक अनोखा बीड़ा उठाया है।


धुरवा आदिवासी समुदाय से ताल्लुक रखने वाले अस्तु नाग सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम का बेहतरीन इस्तेमाल कर रहे हैं। वे अपने अकाउंट @astu_ghumakkad ( एट द रेट अस्तु घुमक्कड़) के जरिए बस्तर की संस्कृति, पारंपरिक खान पान, रीति रिवाजों और लोक जीवन से जुड़े खूबसूरत वीडियो बनाते हैं। आज इंस्टाग्राम पर उनके 48 हज़ार से अधिक फॉलोअर्स हैं, जो उनके काम को बेहद पसंद कर रहे हैं। अस्तु नाग का यह प्रयास केवल मनोरंजन तक सीमित नहीं है, बल्कि वे अपने वीडियो के जरिये समाज को एक बड़ा संदेश भी दे रहे हैं। आज के समय में जहां युवा वर्ग तेजी से पश्चिमी सभ्यता और फास्ट फूड की ओर आकर्षित हो रहा है, वहीं अस्तु लोगों को बस्तर की पारंपरिक भोजन प्रणाली और जीवनशैली की ओर लौटने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। वे बताते हैं कि हमारे पारंपरिक खान पान की आदतें न केवल हमारी विशिष्ट सांस्कृतिक पहचान हैं, बल्कि सेहत और दीर्घायु के लिहाज से भी बेहद लाभकारी हैं। अस्तु नाग का मानना है कि यदि हम अपनी जड़ों, अपनी भाषा और अपनी संस्कृति को भूल गए, तो आने वाले समय में हमारी पहचान भी धीरे धीरे पूरी तरह खो जाएगी। इसलिए वे अपनी कला और सोशल मीडिया के माध्यम से युवाओं को जागरूक करने का निरंतर प्रयास कर रहे हैं। आज अस्तु नाग बस्तर ही नहीं बल्कि पूरे प्रदेश के युवाओं के लिए एक बड़े प्रेरणास्रोत बन चुके हैं। उन्होंने समाज के सामने यह साबित कर दिखाया है कि सोशल मीडिया सिर्फ रील बनाने या मनोरंजन का साधन नहीं है, बल्कि अगर दृढ़ संकल्प हो तो इसे अपनी संस्कृति, सभ्यता और धरोहर को जीवित रखने का एक मजबूत माध्यम भी बनाया जा सकता है।

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