प्रशासन ने नहीं सुनी प्यासी बेटियों की फरियाद, अब अधीक्षिका दे रही हैं धमकी



-अर्जुन झा-
जगदलपुर। महात्मा गांधी उद्यानिकी एवं वानिकी विश्विद्यालय की छात्राएं हॉस्टल में पानी की व्यवस्था न रहने से परेशानी हैं। इन छात्राओं ने इस समाचार पत्र के जरिए कलेक्टर से गुहार लगाई थी, लेकिन बेटियों का दर्द शायद कलेक्टर तक नहीं पहुंच पाया और आज भी स्थिति जस की तस है। वहीं खबर प्रकाशन के बाद अब हॉस्टल की अधीक्षिका छात्राओं को धमकाने लगी हैं कि हॉस्टल की कोई भी बात बाहर गई तो छात्राओं को हॉस्टल से बाहर कर दिया जाएगा।


केडी कॉलेज ऑफ हार्टीकल्चर एंड रिसर्च स्टेशन धरमपुरा जगदलपुर में अध्ययनरत छात्राएं यूनिवर्सिटी कैंपस के समीप स्थित बालिका छात्रावास में रहती हैं। पूरे संभाग और प्रदेश से चयनित होनहार छात्राओं को महात्मा गांधी उद्यानिकी एवं वनिकी विश्वविद्यालय में प्रवेश मिला है। करीब 150 छात्राएं हॉस्टल में रह कर अध्ययन करती हैं। पिछले करीब चार माह से ये छात्राएं पेयजल संकट से परेशान हैं। आलम यह है कि नहाने और वाशरूम जाने के लिए भी पानी हेतु जिल्लत उठानी पड़ती है। छात्राओं ने बताया कि पानी की कमी को दूर करने हॉस्टल की प्रभारी अधीक्षिका ने टैंकर के माध्यम से पानी की व्यवस्था कराने की कोशिश की, मगर सैकड़ों छात्राओं की जरूरत की पूर्ति नहीं हो पा रही है। अब छात्राओं के पालक ही उनके पीने के पानी और गर्मी से राहत पहुंचाने के लिए खुद ही पंखे की व्यवस्था कर रहे हैं। बता दें कि पेयजल की तंगी के कारण छात्राएं टॉयलेट की टंकी का पानी पीने लगी थीं। इस दूषित पानी के सेवन से कई छात्राएं बीमार भी हो गईं थीं। हॉस्टल अधीक्षिका डॉ यीशु साहू ने बताया कि वे विगत चार वर्ष से यहां प्रभारी अधीक्षिका के रूप में कार्यरत हैं, किंतु ऐसी स्थिति कभी नहीं आई थी। हमने विभाग की ओर से नया बोर करवाने का भी प्रयास किया, किंतु वह फेल हो गया है, अब विश्विद्यालय प्रशासन नई व्यवस्था जल्द से जल्द कर रहा है ताकि हॉस्टल में पेयजल की आपूर्ति सही तरीके से हो सके।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *