फारेस्ट गार्ड के पास करोड़ों की संपत्ति और आलीशान बंगला!
-अर्जुन झा-
जगदलपुर। बस्तर संभाग में एक ऐसा भी फारेस्ट गॉर्ड है जो हर महीने महज 43 हजार रुपए की पगार पाता है, मगर वह आज करोड़ों की संपत्ति का मालिक बन गया है। उसने गांव में आलीशान बंगला भी बनवा लिया है। इस वन रक्षक तंत्र मंत्र और झड़फूंक के बहाने एक महिला से डेढ़ करोड़ रुपए ऐंठ लेने के भी आरोप लगे हैं। यह फारेस्ट गॉर्ड अब राज्य महिला आयोग के शिकंजे में आ गया है। पीड़ित महिला की शिकायत पर सुनवाई के बाद महिला आयोग ने पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को संबंधित फारेस्ट गॉर्ड की संपत्ति की जांच करने और उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए हैं।
यह सनसनीखेज मामला सुकमा और बीजापुर जिलों से सामने आया है। छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डाॅ. किरणमयी नायक एवं प्रभारी सदस्य दीपिका शोरी, सह प्रभारी ओजस्वी मंडावी ने सुकमा कलेक्ट्रेट के सभा कक्ष में महिला उत्पीड़न से संबंधित प्रकरणों पर सुनवाई की। डाॅ. किरणमयी नायक की अध्यक्षता में प्रदेश स्तर पर 406 एवं जिले के 10 प्रकरणों पर सुनवाई हुई। जबकि प्रकरणों की संख्या 14 थी। सुनवाई के दौरान एक प्रकरण में आवेदिका ने बताया कि अनावेदकों ने आवेदिका को झाड़ फूंक, तंत्र-मंत्र, पूजा-पाठ के नाम पर लगातार धोखा दिया और उससे लगभग 7 साल में डेढ़ करोड़ रूपए की धोखाधड़ी की। इस रकम से अनावेदकों ने जमीन खरीदी और मकान बनाया साथ ही एक और जमीन के दस्तावेज को रख लिया है। इनमें से एक अनावेदक कांगेर घाटी में वन रक्षक के पद पर कार्यरत है। इस वन रक्षक का मासिक वेतन 43 हजार रूपए बताया गया है। ऐसी दशा में शासन से अनुमति बगैर इतनी संपत्ति कैसे खरीदी और इसके लिए पैसा कहां से आया है तथा आड़ावाल के कुसुमपाल में 40 से 50 लाख का मकान कैसे बनाया? यह जांच का विषय है। आवेदिका के अनुसार अनावेदकों ने पहले आई-10 गाड़ी खरीदी। वर्तमान में लग्जरी कार खरीद ली है। आवेदिका के डरा धमका कर दोनों अनावेदकों ने बड़ी संपत्ति बन ली है। अनावेद फारेस्ट गार्ड के पद पर शासकीय सेवा में कार्यरत है। अतः इतनी बड़ी मात्रा में आवेदिका से पैसा ऐंठ कर बनाई गई संपत्ति की जांच व मूल्यांकन किया जाना आवश्यक है। आयोग ने इस मामले में एडीएम सीपी बघेल को इन अनावेदकों की समस्त संपत्ति की जांच व मूल्यांकन करने तथा मुख्य अनावेदक फारेस्ट विभाग से सम्पत्ति खरीदने के कागजात की रिपोर्ट एक माह में आयोग के पास भेजने की अनुशंसा की गई। इस मामले में आवेदिका का अनावेदक के विरूद्ध डेढ़ करोड़ के धोखाधड़ी का मामला आया है। अतः इस मामले में एसपी जगदलपुर को अनुशंसा भेजी गई है। कि वह इन अनावेदकों के खिलाफ डेढ़ करोड़ की धोखधडी की जांच कर एफआईआर दर्ज कराएं तथा एडीएम की जांच के बिंदुओं को भी एफआईआर में उल्लेखित करें। दोनों तरह की जांच के आधार पर अनावेदकों के खिलाफ एफआईआर लिखे और एक माह के अंदर आयोग को अनुशंसा भेजें। दोनों अधिकारियों से अवश्यकता अनुसार चर्चा करने व आयोग में रिपोर्ट जमा करने आयोग के सदस्य ओजस्वी मंडावी व दीपिका शोरी को अधिकृत किया गया वन।रक्षके के खिलाफ डेढ़ करोड़ की धोखाधड़ी मामले में अपर कलेक्टर जगदलपुर को संपत्ति जांच और पुलिस अधीक्षक जगदलपुर को निर्देश दिया गया।
7 साल तक किया शोषण, अब करेगा शादी
अन्य प्रकरण अनावेदक द्वारा आवेदिका का 7 साल से शारिरिक शोषण करने से जुड़ा था। आवेदिका जब नाबालिग थी, तबसे अनावेदक उसका दैहिक शोषण करता आ रहा है। नाबालिग आवेदिका का वह गर्भपात भी कराता रहा है। एमपीएम हाॅस्पिटल धरमपुरा से अवेदिका का एबार्सन कराया गया। इन सभी तथ्यों को अनावेदक ने स्वयं स्वीकार किया है। लंबे समय से अनावेदक द्वारा आवेदिका को शादी का प्रलोभन दिया जाता रहा है। इस पर आवेदिका उसके खिलाफ आपराधिक मामला पंजीबद्ध कराना चाहती है। आयोग ने कहा कि सिटी कोतवाली थाना जगदलपुर अनावेदक के खिलाफ तत्काल प्रभाव से एफआईआर दर्ज करवाए। इस बात को सुनते ही अनावेदक ने प्रस्ताव रखा कि वह आवेदिका के साथ शादी करने के लिए तैयार है। अनावेदक के साथ उपस्थित उसके रिश्तेदार ने आयोग के समक्ष जिम्मेदारी ली है कि वह अनावेदक का विवाह आवेदिका से कराएंगे। आवेदिका की ओर से उसके चाचा व रिश्तेदार उपस्थित थे। यदि अनावेदक आवेदिका से विवाह करता है तो आवेदिका और उसके परिजन तैयार हैं लेकिन वह विवाह से इंकार करता है तो ऐसी दशा में अनावेदक के खिलाफ थाना तोंगपाल, सुकमा में अनावेदक के खिलाफ एफआईआर दर्ज करा सकेगी। आयोग की आर्डर शीट की काॅपी सबूत के तौर पर दे सकेगी। महिला आयोग की सदस्य दिपीका शोरी विवाह की साक्षी रहेंगी। इस अनुशंसा के साथ प्रकरण विवाह होने तक स्थगित रखा गया। विवाह हो जाने के बाद प्रकरण नस्तीबद्ध किया जाएगा।
