नक्सल प्रभावित गांवों में साय के सुशासन का असर

जगदलपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के सुशासन में बस्तर के घोर नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में में विकास और जन सुविधाओं का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है। सुरक्षा और जन सुविधा केंद्र सुदूर बसाहट के ग्रामीणों के लिए लाभकारी साबित हो रहे हैं। इसी कड़ी में संभाग के बीजापुर जिले के बीहड़ों में स्थित ग्राम उल्लूर और चिल्लामरका में नवीन सुरक्षा एवं जन-सुविधा कैंप की स्थापना की गई है।
यह पहल छत्तीसगढ़ शासन की नियद नेल्ला नार योजना के अंतर्गत ग्रामीणों को मूलभूत सुविधाएं एवं सुरक्षा उपलब्ध कराने हेतु की गई है। विपरीत मौसम और दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद सुरक्षा बलों ने अदम्य साहस का परिचय देते हुए इन सुरक्षा कैंपों की स्थापना सफलतापूर्वक की है। यह कदम न केवल सुरक्षा के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है, बल्कि क्षेत्रीय विकास की गति को भी सशक्त करेगा।भोपालपटनम से फरसेगढ़, सेंड्रा और महाराष्ट्र के नक्सल प्रभावित गढ़चिरौली जिले को जोड़ने की दिशा में यह कदम एक अहम प्रगति है। आगामी समय में नेशनल पार्क क्षेत्र के ग्रामों को सड़क और अन्य सुविधाओं से जोड़ने का मार्ग प्रशस्त होगा।

सुरक्षा और विकास का समन्वय
सुरक्षा कैंप की स्थापना से स्थानीय नागरिकों को स्वास्थ्य, शिक्षा, बिजली, पेयजल, पीडीएस दुकानें, मोबाइल नेटवर्क, सड़क और पुल-पुलिया जैसी सुविधाएं सुलभ होंगी। इससे माओवादियों की अंतर्राज्यीय गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण संभव होगा।वर्ष 2024 से अब तक बीजापुर जिले में कुल 36 सुरक्षा कैंप स्थापित किए जा चुके हैं। इन प्रयासों के फलस्वरूप 496 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है, 193 माओवादी मारे गए हैं तथा 900 की गिरफ्तारी हुई है। यह नक्सल विरोधी अभियान की बड़ी रणनीतिक सफलता है।

प्रशासनिक नेतृत्व एवं सहयोग
इस अभियान को सफल बनाने में बस्तर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक सुंदर राज पी., सीआरपीएफ के महानिरीक्षक श्री शालिन (ऑप्स, छत्तीसगढ़ सेक्टर रायपुर), दंतेवाड़ा रेंज के पुलिस उप महानिरीक्षक कमलोचन कश्यप, सीआरपीएफ बीजापुर रेंज के उप महानिरीक्षक बीएस नेगी, बीजापुर के एसपी डॉ. जितेन्द्र कुमार यादव, सीआरपीएफ के कमांडेंट दीपक कुमार मेहरा, मोहित कपूर, सुनील कुमार राही, कोबरा बटालियन के कमांडेंट पुष्पेंद्र कुमार, एएसपी अमन कुमार झा, रवींद्र कुमार मीणा, संजय कुमार ध्रुव कैंप बासागुड़ा, सीआरपीएफ के डिप्टी कमांडेंट कुलदीप सिंह बीजापुर, एसडीओपी घनश्याम कामड़े भोपालपटनम सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारियों का मार्गदर्शन एवं पर्यवेक्षण सराहनीय रहा।

ग्रामीणों में उत्साह
स्थानीय नागरिकों में सुरक्षा कैंप की स्थापना को लेकर उत्साह है। यह पहल उनके जीवन में शांति, स्थायित्व और क्षेत्र के विकास को नई दिशा प्रदान करेगा। वर्ष 2023-24 एवं 2024-25 में अब तक जिले में कुल 36 नवीन सुरक्षा कैम्प स्थापित किए जा चुके हैं। नियद नेल्ला नार योजना के तहत इन क्षेत्रों में सड़क, बिजली, पानी, स्वास्थ्य, शिक्षा, मोबाइल टावर, आंगनबाड़ी केंद्र और अन्य जन-सुविधाओं का तीव्रता से विस्तार हुआ है।

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