जैतालूर में संपन्न हुआ पंचकुंडीय गायत्री महायज्ञ





बीजापुर:- अखिल विश्व गायत्री परिवार बीजापुर के मार्गदर्शन एवं शांतिकुंज हरिद्वार के तत्वाधान में जिला मुख्यालय के समीपस्त ग्राम कोदाई माता की पावन धरा एवं माता चंडिका देवी मंदिर के पवित्र प्रांगण में दो दिवसीय पंचकुंडीय गायत्री महायज्ञ बड़े ही हर्ष और उल्लास के साथ भक्तिमय वातावरण में संपन्न हुआ । प्रथम दिवस संध्या बेला पर ग्राम में माता बहनों ने बड़ी संख्या में पहुंचकर अपने सर पर कलश धारण कर ग्राम भ्रमण कर ग्राम के सभी देवी देवताओं एवं ग्रामीणों को आमंत्रण दिया और सांध्यकालीन दीप यज्ञ किया जिसमें प्रमुख प्रबन्ध ट्रस्टी शंकर कुड़ियम एवं अन्य परिजन उपस्थित रहे। द्वितीय दिवस प्रातः 11:00 बजे से यह पंचकुंडीय गायत्री महायज्ञ प्रारंभ हुआ जिसमें लोगों ने बढ़-चढ़कर भागीदारी की एवं लोक कल्याण के लिए सामूहिक प्रार्थना कर आहुतियां समर्पित की। इस कार्यक्रम में 2 पुंशवन संस्कार एवं 28 विद्याराम संस्कार निशुल्क संपन्न हुए । ग्रामीणों एवं बच्चों में खुशी एवं भक्ति की लहर उमडी तो वहीं चण्डिका देवी मंदिर के पुजारी ने भी ये कहा की ऐसे कार्यक्रम ग्राम में समय-समय पर होते रहने चाहिए एवं लोक कल्याण के लिए लोगों को संस्कार परंपरा से जोड़ने का कार्य होते रहना चाहिए।

पूर्णाहुति के पश्चात महाप्रसाद की व्यवस्था सभी के लिए रखी गई थी जिसे ग्रहण करने के पश्चात गायत्री प्रज्ञा मंडल जैतालूर का गठन किया गया जिसमें मानमती भोयर को प्रज्ञा मंडल प्रमुख का दायित्व सर्व सम्मति से दिया गया । नारी जागरण,पर्यावरण संरक्षण, युवा आंदोलन के लिए भी प्रभारी बनाए गए एवं सप्ताहिक सत्संग एवं स्वाध्याय के माध्यम से जुड़कर परमपूज्य गुरुदेव पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य एवं वंदनीय माता भगवती देवी शर्मा के सत्यसूत्रीय आंदोलन को आगे बढ़ने का संकल्प लिया। टोली में भैरमगढ़ से आए सत्य प्रेम बेंजामि एवं जीवन तेलामी ने बड़े सुंदर तरीके से संगीत प्रवचन के माध्यम से हारमोनियम तबला के सुंदर मिश्रण से कर्णप्रिय भजनो सहित कर्मकांड संपन्न कराया जिन्हें सहायक प्रबंध ट्रस्टी रामयश विश्वकर्मा, मार्गदर्शक विजय बहादुर राजभर एवं जिला समन्वयक बीरा राजबाबू की उपस्थिति में खेमनी यादव सहित ग्राम के माता बहनों ने तिलक चंदन श्रीफल देकर सम्मानित कर विदाई दिया गया।

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