महानदी के तट पर शिक्षा, संस्कार और संस्कृति का उत्सव

धमतरी | मंदरौद :- महानदी के सुरम्य तट पर स्थित कबीर तीर्थ मंदरौद द्वारा संचालित समाधान विद्यालय का 12वां वार्षिक उत्सव भव्य, गरिमामयी एवं उल्लासपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। प्रकृति की गोद में आयोजित इस समारोह में शिक्षा के साथ संस्कार और सांस्कृतिक मूल्यों का सजीव समन्वय देखने को मिला।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। इस अवसर पर श्री एस. एल. साहू (सेवानिवृत्त, जल संसाधन विभाग), श्री रामदयाल उइके (पूर्व विधायक), श्री हर्ष शुक्ला (संपादक, राष्ट्रीय न्यूज सर्विस), श्री एच. डी. महंत (वरिष्ठ पत्रकार), विश्व भ्रमणशील संत भुवनेश्वर साहब तथा श्री रविंद्र साहू कातलबोड़ (प्राचार्य, शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय) विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। सभी अतिथियों का सम्मान श्रीफल एवं स्मृति-चिन्ह (मोमेंटो) भेंट कर किया गया।


विद्यालय की प्राचार्य उषा जी ने स्वागत उद्बोधन में समाधान विद्यालय की 12 वर्षों की शैक्षणिक यात्रा, उपलब्धियों एवं भावी योजनाओं पर प्रकाश डालते हुए कहा कि समाधान विद्यालय केवल शिक्षा का केंद्र नहीं, बल्कि संस्कार, अनुशासन और मानवीय मूल्यों के निर्माण का सशक्त माध्यम है।
इस अवसर पर विश्व भ्रमणशील संत भुवनेश्वर साहब ने अपने प्रेरक उद्बोधन में कहा कि शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य केवल ज्ञान अर्जन नहीं, बल्कि चरित्र निर्माण है। उन्होंने कहा कि जब शिक्षा में आध्यात्मिक चेतना, सेवा भावना और नैतिक मूल्यों का समावेश होता है, तभी समाज सुदृढ़ होता है। उन्होंने विद्यार्थियों से सत्य, करुणा और अनुशासन को जीवन में आत्मसात करने का आह्वान किया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय न्यूज सर्विस के संपादक श्री हर्ष शुक्ला ने कहा कि समाधान विद्यालय शिक्षा के साथ संस्कारों को जोड़ने का उत्कृष्ट कार्य कर रहा है और आज ऐसे संस्थानों की समाज को अत्यंत आवश्यकता है, जो बच्चों को जिम्मेदार नागरिक बनाएं।
सेवानिवृत्त जल संसाधन विभाग अधिकारी श्री एस. एल. साहू ने कहा कि महानदी के तट पर स्थित यह विद्यालय बच्चों को प्रकृति के सान्निध्य में शिक्षा प्रदान कर रहा है, जो अत्यंत सराहनीय है। उन्होंने विद्यार्थियों को अनुशासन और परिश्रम को जीवन का मूल मंत्र बनाने की प्रेरणा दी।


वरिष्ठ पत्रकार श्री एच. डी. महंत ने कहा कि समाधान विद्यालय केवल एक शिक्षण संस्थान नहीं, बल्कि संस्कारों की प्रयोगशाला है। उन्होंने कहा कि जब शिक्षा में संस्कृति और नैतिक मूल्यों का समावेश होता है, तभी समाज सशक्त बनता है।
श्री रविंद्र साहू कातलबोड़, प्राचार्य, शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय ने समाधान विद्यालय के शैक्षणिक वातावरण की सराहना करते हुए कहा कि यहाँ की शिक्षण पद्धति और अनुशासन अनुकरणीय है। उन्होंने विद्यार्थियों को लक्ष्य निर्धारित कर निरंतर आगे बढ़ने का संदेश दिया।
उत्सव के दौरान विद्यार्थियों ने नृत्य, गीत, नाट्य मंचन एवं अन्य सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से अपनी प्रतिभा का प्रभावशाली प्रदर्शन किया, जिसे उपस्थित जनसमूह ने मुक्त कंठ से सराहा। कार्यक्रम की सफलता में शिक्षकों एवं सहयोगी स्टाफ की भूमिका भी सराहनीय रही।
इस अवसर पर सविता जी, राधेश्याम जी, पुष्पा, भूमेश्वरी, त्रिवेणी, नीरा, यमुना, चुम्मन जी, मुकेश, तोषण, रामनारायण एवं गिरीश सहित विद्यालय परिवार के सभी सदस्यों की सक्रिय सहभागिता रही। अतिथियों ने विद्यालय के प्रयासों की प्रशंसा करते हुए विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
समारोह का समापन प्रेरक संदेश एवं आभार प्रदर्शन के साथ हुआ। महानदी के शांत तट पर आयोजित यह वार्षिक उत्सव शिक्षा, संस्कार और संस्कृति का ऐसा स्मरणीय आयोजन बना, जो लंबे समय तक स्मृतियों में जीवंत रहेगा।

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