कलेक्टर साहब! पानी के लिए तरस रही हैं ये बेटियां
जगदलपुर। महात्मा गांधी उद्यानिकी एवं वानिकी विश्विद्यालय की छात्राओं को हॉस्टल में पानी की व्यवस्था न रहने से परेशानी उठानी पड़ रही है। हॉस्टल प्रबंधन ने समस्या पर ध्यान देते हुए बोर भी कराया, मगर वह फेल हो गया। अब छात्राओं को बूंद बूंद पानी के लिए तरसना पड़ रहा है। हालांकि हॉस्टल प्रबंधन की ओर से एक पानी का टैंकर उपलब्ध कराया गया है, मगर छात्राओं की संख्या को देखते हुए एक टैंकर पानी कम पड़ जाता है। इस समस्या के समाधान के लिए स्थायी विकल्प की जरूरत है। राज्य सरकार द्वारा चलाए जा रहे सुशासन तिहार से इन छात्राओं को उम्मीद बंधी है कि कलेक्टर आकाश छिकारा हॉस्टल की जल समस्या को दूर करने प्रभावी पहल जल्द करेंगे।
केडी कॉलेज ऑफ हार्टीकल्चर एंड रिसर्च स्टेशन धरमपुरा जगदलपुर में अध्ययनरत छात्राएं यूनिवर्सिटी कैंपस समीप ही स्थित बालिका छात्रावास में रहती हैं। पूरे संभाग और प्रदेश से चयनित होनहार छात्राओं को महात्मा गांधी उद्यानिकी एवं वनिकी विश्वविद्यालय में प्रवेश मिला है। करीब 150 छात्राएं हॉस्टल में रह कर अध्ययन करती हैं। पिछले तीन माह से यहां की छात्राएं पेयजल संकट से परेशान हैं।आलम यह है कि नहाने और वाशरूम जाने के लिए भी पानी हेतु जिल्लत उठानी पड़ती है। इस हॉस्टल में निवासरत छात्राओं ने बताया कि पानी की कमी को दूर करने हॉस्टल की प्रभारी अधीक्षिका ने टैंकर के माध्यम से पानी की व्यवस्था कराने की कोशिश की है, किंतु सैकड़ों छात्राओं की जरूरत की पूर्ति नहीं हो पा रही है। सूत्रों ने तो यह भी बताया कि छात्राओं के पालक ही उनके पीने के पानी की व्यवस्था कर रहे हैं। इसी बीच जानकारी आई है कि टॉयलेट की टंकी का पानी पीने से कई छात्राएं बीमार भी हो गईं थीं। हालांकि उद्यानिकी विभाग ने इस बात को सिरे नकारा है। अभी वर्तमान में हालात यह हैं कि पीने और निस्तार की व्यवस्था एक टैंकर भरोसे चल रही है। हॉस्टल अधीक्षिका डॉ यीशु साहू ने बताया कि वे विगत चार वर्ष से यहां प्रभारी अधीक्षिका के रूप में कार्यरत हैं, किंतु ऐसी स्थिति कभी नहीं आई थी। हमने विभाग की ओर से नया बोर करवाने का भी प्रयास किया, किंतु वह फेल हो गया है, अब विश्विद्यालय प्रशासन नई व्यवस्था जल्द से जल्द कर रहा है ताकि हॉस्टल में पेयजल की आपूर्ति सही तरीके से हो सके।
