मतांतरित व्यक्ति के कफन दफन को लेकर फिर बवाल
जगदलपुर। अब बस्तर की ग्राम पंचायतों में भी मिशनरी का कब्जा होने लगा है। धर्म विशेष के व्यक्ति को सरपंच चुनवा कर पूरे गांव को कन्वर्ट करने का खेल खेला जाने लगा है। ऐसा ही एक मामला बस्तर जिले के लोहंडीगुड़ा विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत चित्रकोट के पदरगुड़ा पारा से सामने आया है।

पदरगुड़ापारा गांव के निवासी धर्मांतरित परिवार के व्यक्ति पुरेंद्र बघेल के कफन दफन को लेकर विवाद की स्थिति निर्मित हो गई। परिजन शव को गांव के सार्वजनिक मुक्तिधाम में दफनाना चाहते थे। इसके विरोध में चित्रकोट, पदरगुड़ा समेत आसपास के पांच गांवों के आदिवासी सामने आ गए। खबर मिलते ही विश्व हिंदू परिषद बजरंग दल के विभाग संयोजक सिकंदर कश्यप, विभाग सेवा प्रमुख अनिल अग्रवाल, जिला संयोजक विष्णु ठाकुर, सह संयोजक योगेश रैली, प्रखंड अध्यक्ष विवेक शुक्ला, मंत्री शिवा नाग, पूर्व जिला संयोजक नरेश कोरी , पवन नामदेव, अजय बघेल, लोकेंद्र नाथ नाग, संजय बघेल, रोहित झा, इंद्रा भी मौके पर पहुंच गए।. पूर्व सरपंच रैतूराम कश्यप और अन्य ग्रामीणों ने बताया कि मिशनरी के लोग ग्राम पंचायतों में अपने लोगों को चुनाव लड़वा कर सरपंच, पदों पर कब्जा कर लेते हैं और फिर धीरे धीरे पूरे गांव के लोगों को मातांतरित कराने लग जाते हैं।ग्राम के माटी पुजारी नाईक, पाइक, सिरहा गुनिया और ग्रामीणों के मुताबिक मिशनरी के लोग सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बावजूद जानबूझ कर शवों को हिंदू मुक्तिधामों में दफनाने की कोशिश कर विवाद की स्थिति पैदा करने लगे हैं। उन्होंने कहा कि हम अपने गांव का माहौल और परंपरा को प्रभावित नहीं होने देंगे। अंततः प्रबल विरोध के बाद मृतक के छोटे भाई पुष्पेंद्र बघेल ने लोहंडीगुड़ा तहसीलदार को आवेदन देकर शव को नजदीकी मसीही कब्रिस्तान में दफनाने की सहमति जताई।
