संचालनालय को जानकारी भेजने में कोताही, सभी बीईओ को डीईओ ने भेजा नोटिस
जगदलपुर। कलेक्टर आकाश छिकारा और जिला पंचायत सीईओ प्रतीक जैन के मार्गदर्शन में जिला शिक्षा अधिकारी बीआर बघेल और उनकी टीम बस्तर जिले में शिक्षा की अलख जगाने के लिए बहुतेरे प्रयास करते आ रहे हैं। इसके सकारात्मक परिणाम भी देखने को मिले हैं। वहीं दूसरी ओर शिक्षा विभाग में कुछ ऐसे अधिकारी कर्मचारी भी हैं, जो शिक्षा की अलख को बुझाने में कोई कसर बाकी नहीं छोड़ रहे हैं। विभागीय अधिकारियों की लापरवाही के कारण कई महत्वपूर्ण योजनाओं का लाभ विद्यार्थियों को नहीं मिल पा रहा है। कुछ ऐसे ही मामले में सभी बीईओ को डीईओ बीआर बघेल ने नोटिस देकर जवाब मांगा है। उधर सभी बीईओ का कहना है कि उन्होंने वांछित जानकारी समय पर जिला शिक्षा कार्यालय को भेज दी है।
बताया गया है कि छत्तीसगढ़ विधान सभा सचिवालय मानसून सत्र के तारांकित प्रश्न क्रमांक 313 एवं शिक्षा मंत्री द्वारा 1 जुलाई को आयोजित संभाग स्तरीय समीक्षा बैठक एवं निःशुल्क पाठ्य पुस्तक योजना की जानकारी लोक शिक्षण संचालनालय द्वारा मंगाई गई थी। इस संबंध में जिला कार्यालय बस्तर द्वारा वॉटसएप, ईमेल (बीईओ बीआरसी ग्रुप) के माध्यम से सभी बीईओ और बीआरसी को सूचित किया गया था और अद्यतन स्थिति की जानकारी मंगाई गई थी। मगर कुछ बीईओ द्वारा जानकारी तैयार कर जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय को भेजी नहीं जा रही है। इस वजह से विधानसभा एवं शिक्षा मंत्री की समीक्षा बैठक से संबंधित जानकारी समय सीमा में उच्च कार्यालय को प्रेषित नहीं की जा सकी है। जिला शिक्षा अधिकारी के नोटिस में कहा गया है कि आपका यह कृत्य कार्य के प्रति घोर लापरवाही एवं प्रशासनिक क्षमता की कमी को दर्शाता है। जो कि सर्वथा प्रतिकुल है। क्यों न आपके विरूद्ध सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के धारा के तहत अनुशासनात्क कार्रवाई हेतु उच्च कार्यालय को प्रस्ताव प्रेषित किया जाए।
समय पर भेज दी जानकारी
वहीं बस्तर जिले के ज्यादातर विकासखंड शिक्षा अधिकारियों का कहना है कि जिला शिक्षा कार्यालय द्वारा मांगी गई पूरी जानकारियां उन्होंने समय पर अपने वरिष्ठ कार्यालय को भेज दी है। बहरहाल यह मामला शिक्षा विभाग में चर्चा का विषय बना हुआ है।
