मृत ड्राइवर का परिवार जोह रहा न्याय की बाट

जगदलपुर. बीते 11मई को दंतेवाड़ा जिले के बंजारिन  घाट में ट्रक व मरसीडीज कार के बीच हुए टक्कर के बाद कार मालिक सागर हेमला के प्रताड़ना के चलते ट्रक चालक ताम्रध्वज साहू ने आत्महत्या कर लिया था. मामले में पुलिस कार्रवाई से मृतक के परिवार संतुस्ट नहीं है. पुलिस ने कार मालिक पर जुर्म पंजीबद्ध कर लिया, लेकिन घटना में शामिल अन्य चार लोगों को जांच के दायरे से बाहर रखा.
ज्ञात हो कि मृतक ताम्रध्वज साहू सोनू निवासी बागरपाली थाना तेंदुकोना जिला महासमुंद रायपुर के ट्रांसपोर्टर लक्ष्मण गणपत राम कुमावत की स्वराज माजदा क्रमांक सीजी 04 पीसी 9751 का ड्राइवर था. घटना दिनांक को माल लेकर गीदम की ओर जा रहा था. इस बीच बंजारी घाट के पास सामने से आ रही मर्सिडीज़ कार से ट्रक की टक्कर हो गई. जिससे कार को मामूली क्षति पहुंची. घटना के बाद कार मलिक सागर हेमला व उसके साथ मौजूद अन्य चार लोगों ने मृतक ड्राइवर साहू के साथ न केवल बुरी तरह मारपीट की थी, वरन उसे कार का एक करोड रुपए देने के लिए लगातार मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहे थे. इधर मृतक ताम्रध्वज ने ट्रक मालिक लक्ष्मण राम व गणपत राम कुमावत को घटना की जानकारी दी तो उन्होंने पल्ला झाड़ने हुए साहू को ही मामले से निपटने की बात कही थी. जिससे वह और भी घबरा गया था.
सदमे में आकर साहू ने इंस्टाग्राम व फेसबुक लाइव के माध्यम से अपनी व्यथा की वीडियो रिकॉर्डिंग वायरल भी की थी. इसके बाद उसने फांसी लगाकर आत्महत्या कर लिया था. घटना के वक्त मृतक के साथ रिश्ते में उसका भतीजा लगने वाला हेम सिंह साहू भी मौजूद था. जिसे उसने मारपीट के डर से वहां से चले जाने को कहा था. हेम सिंह ने भी पुलिस को दिए कथन में घटना स्थल पर मृतक ताम्रध्वज के साथ मारपीट किए जाने व जान से मारने की धमकी देने का जिक्र किया है. मृतक की मां श्रीमती हिरोदी साहू ने बताया उनके पति का स्वर्गवास हो गया है. परिवार काफी गरीब है. घटना के बाद उसके पुत्र ताम्रध्वज ने अपने भाई छोटे भाई को आपबीती बताते कहा था कि उसके साथ कार मालिक व अन्य लोगों ने मारपीट किया था. मामले में उन्होंने थाना गीदम में लिखित शिकायत दर्ज करवाई थी. पुलिस ने कार मालिक हेमला पर तो अपराध पंजीबद्ध किया, लेकिन घटना में शामिल अन्य चार लोगों के बारे में जांच पड़ताल करने की जहमत नहीं उठाई. साथ ही घटना में प्रयुक्त मर्सिडीज़ कार भी जप्त नहीं की गई. मृतक के द्वारा इंस्टाग्राम में कई वीडियो अपलोड किए गए थे. वीडीओ में मृतक ने स्पस्ट कहा है कि उसे हेमला के दोस्तों ने भी मारा पीटा. परिवार को मारने की धमकी दी. उसने खुद के वाहन मालिक को सम्बोधित करते हुए यह भी कहा था कि ट्रक का ब्रेक ठीक से काम नहीं कर रहा था. अपलोड दो वीडियो अज्ञात व्यक्ति ने डिलीट कर दिए हैं. यह भी जांच प्रक्रिया में संदेह उत्पन्न करता है.
ताम्रध्वज के चाचा पवन साहू ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर अन्य दोषियों पर कार्यवाही करने तथा मृतक के जब्त मोबाइल से डिलीट किए गए वीडियो की जांच करने की भी मांग की है.
इधर विवेचना अधिकारी रामकुमार श्याम ने बताया कि प्रकरण में दोनों वाहन की जब्ती नहीं की गई. चूंकि मामला आत्महत्या का था. इसलिए कार मालिक पर आत्महत्या के लिए उकसाने का अपराध दर्ज किया गया.

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