मंत्रिमंडल फेरबदल में होगी बस्तर की बल्ले- बल्ले
-अर्जुन झा-
जगदलपुर। इन पूरे सूबे के सियासी गालियारे में छत्तीसगढ़ सरकार के मंत्रिमंडल में फेरबदल और विस्तार की चर्चा सरगर्म है। अगर यह चर्चा सच हुई तो बस्तर की बल्ले बल्ले हो सकती है।
सियासी गालियारे में चर्चा है कि साय केबिनेट में जल्द बड़ा उलट फेर हो सकता है। केबिनेट से कुछ ऐसे मंत्रियों की छुट्टी हो सकती है, जिनका परफॉरमेंस बीते ढाई तीन साल में संतोषजनक नहीं रहा है। साथ ही इन मंत्रियों के कामकाज से उनके ही निर्वाचन क्षेत्र की जनता खुश नहीं है। ऐसे मंत्रियों पर भाजपा शीर्ष नेतृत्व और राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ की है। संघ और भाजपा के नेता भी इन मंत्रियों से बेहद नाखुश हैं। उन्हें हटाकर कुछ नए और कुछ पुराने चेहरों को मंत्रिमंडल में जगह दी जा सकती है। चर्चाओं के मुताबिक जगदलपुर विधायक एवं प्रदेश भाजपा अध्यक्ष किरण सिंह देव, कोंडागांव की विधायक एवं पूर्व मंत्री लता उसेंडी और कुरुद से विधायक एवं पूर्व मंत्री अजय चंद्राकर को साय केबिनेट का हिस्सा बनाने की तैयारी कर ली गई है। किरण सिंह देव ने प्रदेश अध्यक्ष पद की महति जिम्मेदारी पूरी निष्ठा से निभाई है। सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से चोटिल होने के बावजूद श्री देव लगातार संगठनात्मक गतिविधियों से जुड़े रहे। उनके नेतृत्व में भाजपा ने पूरे बस्तर संभाग और छत्तीसगढ़ में लोकसभा एवं विधानसभा चुनावों में शानदार जीत हासिल की है। उनका यह योगदान आरएसएस और पार्टी नेतृत्व को भा गया है। सूत्र बताते हैं कि किरण सिंह देव को प्रदेश भाजपा अध्यक्ष पद के दायित्व से मुक्त के साय मंत्रिमंडल में केबिनेट मंत्री बनाया जा सकता है। इसके बाद रिक्त होने वाले अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी किसी आदिवासी या पिछड़े वर्ग के नेता को दी जा सकती है। मंत्री पद के लिए बस्तर संभाग के ही कोंडागांव विधानसभा सीट कांग्रेस से छीन कर विधायक चुनी गईं लता उसेंडी के भी नाम की चर्चा है। डॉ. रमन सिंह सरकार में महिला एवं बाल विकास मंत्री रही लता उसेंडी बस्तर की तेज तर्रार आदिवासी नेत्री हैं। उन्हें मंत्री पद का खासा तजुर्बा भी है। लिहाजा साय केबिनेट के फेरबदल या विस्तार में लता उसेंडी भी मंत्री बनाई जा सकती हैं। लता उसेंडी के जरिए भाजपा अपनी बेल पूरे बस्तर के आदिवासी समाज तक बढ़ा सकती है। इसी तरह मैदानी क्षेत्र कुरुद के विधायक अजय चंद्राकर को भी साय केबिनेट में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिलने की चर्चाएं सियासी गालियारे में तैर रही हैं। अजय कुरुद के अजेय योद्धा माने जाते हैं और अन्य पिछड़ा वर्ग से आते हैं। उन्हें मंत्री बनाकर भाजपा ओबीसी मतदाताओं को साध सकती है। इस तरह अगर चर्चाओं के मुताबिक किरण सिंह देव और लता उसेंडी को मंत्री बनाया जाता है तो साय केबिनेट में बस्तर से तीन मंत्री हो जाएंगे। नारायणपुर विधायक केदार कश्यप इस समय साय सरकार में वन एवं जलवायु परिवर्तन तथा सहकारिता एवं जल संसाधन मंत्री हैं। केदार कश्यप ने अपने विभागों के प्रति जो जिम्मेदारी ईमानदारी से निभाई है, वह किसी से छुपी नहीं है। हो सकता है उनका एकाध विभाग लेकर नए मंत्री को सौंप दिया जाए। अगर हमारा ये आंकलन सही निकला तो अगले 20-25 वर्षों तक बस्तर में भाजपा का ही बोलबाला रहेगा।
