कोंटा क्षेत्र में 40 एकड़ जमीन का फर्जीवाड़ा, राजस्व अमला एवं भू माफिया की साठगांठ



असली जमीन मालिक ने नामांकन रोकने सुकमा कलेक्टर से लगाई गुहार

फर्जीवाड़ा मामले में कोंटा के पूर्व एसडीएम की भूमिका संदिग्ध
-अर्जुन झा-
जगदलपुर। बस्तर संभाग के सुकमा जिले के चिंतलनार में जमीन खरीदी बिक्री के नाम पर एक बड़ा फर्जीवाड़ा हुआ है। कोंटा विकासखंड की केरलापेंदा प्राथमिक शाला में पदस्त प्रधान पाठक ने राजस्व अमला एवं भू माफिया से साठगांठ कर 2018- 2019 में चिंतलनार गांव में स्थित अपने रिश्तेदार की 40 एकड़ जमीन का फर्जी ढंग से रजिस्ट्री कराकर जमीन का दस्तावेज अपने नाम करवा लिया। इस जमीन को शिक्षक ने 3 माह पूर्व मध्यप्रदेश के झिझरी कटनी निवासी बालाजी मिनरल के संचालक प्रदीप कुमार मित्तल के नाम पर विक्रय कर दिया है। वास्तविक जमीन मालिक उदय भास्कर रेडी ने नामांतरण पर रोक लगाने एवं जमीन की रजिस्ट्री को शून्य घोषित करने सुकमा कलेक्टर से गुहार लगाई है। कोंटा एसडीएम को प्रकरण दर्ज करने 30 नवम्बर 2023 को आवेदन दिया गया था, लेकिन आज तक प्रकरण दर्ज नहीं किया जाना एसडीएम कोंटा की संलिप्तता की ओर इशारा करता है।
मिली जानकारी के अनुसार सुकमा जिले के कोंटा तहसील अंतर्गत चिंतलनार जो वर्तमान में जगरगुंडा तहसील में आता है, के पटवारी हल्का 6 में आंध्रप्रदेश के गुंटूर, तातीकोंटा निवासी इमनी रामकोट रेड्डी के नाम 7 टुकड़ों में 90 एकड़ से अधिक पैतृक भूमि 1970-71 से शासकीय रिकार्ड में दर्ज है। जमीन मालिक द्वारा विभिन्न भूखंडों का वर्ष 2017 तक सभी रिकार्ड भू-स्वामी के रूप में दर्ज है। इसका लगान प्रतिवर्ष भू- स्वामी द्वारा अदा किया गया है। ऋण पुस्तिका में भी इसका उल्लेख है। जानकारी के अनुसार 7 टुकड़ों की जमीन में से एक शिक्षक ने तीन टुकड़ों की लगभग 40 एकड़ से अधिक जमीन की फर्जी ढंग से रजिस्ट्री कराकर बी. उमा महेश्वर रेड्डी ने वर्ष 2018-19 में जमीन अपने नाम पर दर्ज करा ली। उक्त शिक्षक कोंटा इलाके में जमीन के मामले में विवादित और चर्चित है। शिक्षक ने राजस्व अमलों के साथ सांठगांठ कर दूसरे की जमीन को पहले अपने नाम कराया फिर तीन माह पहले भू- माफियाओं के सहारे मध्यप्रदेश के कटनी निवासी बालाजी मिनरल्स के संचालक के पास 40 एकड़ से अधिक जमीन बेच दी। जब जमीन मालिक ने नामांतरण के लिये कोंटा तहसील में आवेदन किया तो इस फर्जीवाड़ा की पोल खुली। उसके बाद वास्तविक जमीन मालिक के पुत्र उदय भास्कर रेड्डी ने 19 फरवरी को नामांतरण पर रोक लगाने एवं भूमि वापस दिलाने की गुहार लगाते हुए सुकमा कलेक्टर के समक्ष लिखित शिकायत पेश है। इसके पूर्व 30 नवम्बर को कोंटा एसडीएम को भी आवेदन दिया गया था। उदय भास्कर रेड्डी ने कहा है कि उनके पिता ने चिंतलनार की किसी भी जमीन की बिक्री नहीं की है। हमारे दूर के रिश्तेदार ने राजस्व अमले के साथ सांठगांठ कर फर्जी ढंग से जमीन को अपने नाम कराकर 40 एकड़ से अधिक जमीन की रजिस्ट्री कराई है। इसकी शिकायत जिला कलेक्टर से कर न्याय की गुहार लगाई गई है। चिंतलनार के पटवारी ने भी इस बात को स्वीकार किया है कि उक्त जमीन की पहली रजिस्ट्री 2018-19 में कराई गई थी और और दूसरी रजिस्ट्री दंतेवाड़ा में 3 माह पूर्व कराई गई है। नामांतरण का मामला तहसीलदार कार्यालय कोंटा में लंबित है।

पिताजी ने नहीं बेची जमीन
भूमि मालिक के पुत्र उदय भास्कर रेड्डी ने बताया कि जालसाजी कर उनकी पैतृक जमीन की रजिस्ट्री कराई गई है। कोंटा एसडीएम ने बताया कि चिंतलनार में जमीन खरीदी बिक्री में हुई अनियमितता मामले की शिकायत प्राप्त हुई है। कोंटा के तहसीलदार को मामले की जांच के लिए निर्देशित किया गया है। जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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