महंगाई और बेरोजगारी के पिच पर होगा लोकसभा चुनाव का रण


आधी आबादी रूठ गई, तो काम न आएगा वंदन अभिनंदन

-अर्जुन झा-
जगदलपुर। आने वाले लोकसभा चुनाव का रण महंगाई और बेरोजगारी के पिच पर लड़ा जाएगा। छत्तीसगढ़ में इसकी शुरुआत जल्द होने वाली है। महंगाई और बेरोजगारी को लेकर कांग्रेस राज्य में बड़ा आंदोलन करने वाली है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने इसके संकेत भी दे दिए हैं।
पिछले कई माह से जिस रफ्तार से महंगाई बढ़ती जा रही है, उससे हर व्यक्ति पीड़ित है। महंगाई रॉकेट बनकर आसमान को छू रही है। महंगाई की चर्चा हर किसी की जुबान पर है। क्योंकि जरूरी चीजों के दाम बढ़ने से हर व्यक्ति का प्रभावित होता है। आमदनी और जीवन यापन का सुर ताल महंगाई के कारण बिगड़ जाता है। जिस तरह आज महंगाई लगातार बढ़ती जा रही है, उससे महिलाएं ज्यादा विचलित हो उठी हैं।अगर आधी आबादी ही हलकान परेशान हो जाए तो वह चुनाव परिणाम की दिशा बदलने के लिए अग्रसर हो उठती है। तब फिर नारी शक्ति वंदन हो या महतारी वंदन, कोई भी वंदना, अभ्यर्थना और याचना महिलाओं का फैसला नहीं बदल सकती। वर्तमान में कुछ ऐसा ही दृश्य दिखाई दे रहा है। महंगाई बड़ा मुद्दा है और बेरोजगारी दूसरे नंबर का मुद्दा है। छत्तीसगढ़ में कांग्रेस लोकसभा चुनाव में इन्हीं दोनों मुद्दों को कैश करने की तैयारी कर चुकी है। अबकी बार का लोकसभा चुनाव महंगाई और बेरोजगारी के ही पिच पर लड़ा जाएगा, यह तय है।

महंगाई से जनता बेहाल- दीपक बैज
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष एवं बस्तर के सांसद दीपक बैज ने कहा है कि कि मोदी सरकार जबसे सत्ता में आई है, महंगाई से देश के नागरिकों की कमर टूटती जा रही है। महंगाई को लेकर कांग्रेस प्रदेश में जन आंदोलन छेड़ेगी। मोदी राज में रोजमर्रा की जरूरतों के दाम बेतहाशा बढ़ गए हैं। 2014 में गैस का सिलेंडर 410 रु. का था, आज वह 1000 रु. के पार है। पेट्रोल 70 रु. प्रति लीटर से बढ़कर 100 रु. प्रति लीटर के पार हो गया है। डीजल 55 रु. लीटर से बढ़कर 90 रु. प्लीटर के करीब है। अंतरराष्ट्रीय मार्केट में क्रूड आयल का दाम लगातार कम हो रहा है। खाने के तेल और दाल की कीमत 70 रु. और 60 रु. प्रति किलो थी, वह 200 रू. प्रति किलो को पार कर गई है। दही, पनीर, लस्सी, आटा, सूखा सोयाबीन, मटर व मुरमुरे पर भी 5 फीसदी जीएसटी लगा दिया गया। होटल के 1 हजार रु. के कमरे पर 12 प्रतिशत जीएसटी, अस्पताल के आईसीयू बेड पर 5 प्रतिशत जीएसटी। जीने के लिए सभी आवश्यक चीजों पर जीएसटी लगाकर चैन नहीं मिला तो श्मशान घाट के निर्माण पर भी जीएसटी बढ़ा दिया गया है। बीते 8 सालों में पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स पर कर लगाकर 29 लाख करोड़ रुपए जनता की जेब से निकाले गए हैं। पीसीसी चीफ दीपक बैज ने कहा कि भाजपा नेता महंगाई, बेरोजगारी पर चर्चा से भाग रहे हैं। देश की अर्थव्यवस्था डूबने की कगार पर है, बैंक डूब रहे है, एलआईसी डूब रहा है, सरकारी कंपनियां बिक रही हैं। आम लोगों के रोजगार छीना जा रहा है। महंगाई का प्रकोप घर -घर में दिख रहा है। जवाब देने से बचने के लिए भाजपा का नेता धर्म से धर्म को लड़ा कर, जात से जात को लड़ा कर वैमनस्यता फैलाकर राजनीतिक रोटी सेक रहे है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष एवं सांसद दीपक बैज ने कहा कि भाजपा सरकार बढ़ती महंगाई और बेरोजगारी को नियंत्रित करने में असफल और नकारा साबित हुई है।

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