बस्तर में शहर से लेकर गांव तक खिला कमल

अर्जुन झा-
जगदलपुर। बस्तर जिला पंचायत में भाजपा का कब्जा बरकरार है। भाजपा समर्थित 12 सदस्य चुनाव जीतकर आए हैं। इस तरह भाजपा ने जिला पंचायत में अपना दबदबा बरकरार रखा है। वहीं जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी किसे सौंपी जाएगी, इसे लेकर फिलहाल सस्पेंश बना हुआ है।
संगठन के सूत्रों की मानें तो वेदवती कश्यप अध्यक्ष की दौड़ में सबसे आगे हैं। उनका अध्यक्ष बनना लगभग तय माना जा रहा है। वहीं भाजपा के दो सीनियर नेताओं बनवासी मौर्य और सारिता पाणिग्रही के नामों को लेकर भी चर्चा सरगर्म है। बनवासी मौर्य और सारिता पाणिग्रही शुरू से भाजपा के निष्ठावन कार्यकर्ता रहे हैं। उनकी जमीनी पकड़ गांवों में बेमिसाल है। इसके बावजूद भाजपा ने जिला पंचायत चुनाव में सारिता पाणिग्रही और बनवासी मौर्य को नजरअंदाज कर उनके क्षेत्रों में कमजोर प्रत्याशी उतार दिए। अपनी उपेक्षा से दुखी होकर बनवासी मौर्य एवं सारिता पाणिग्रही ने बागी होकर चुनाव लड़ा और दोनों जीत भी गए। इतनी बड़ी जीत के बाद भी उनकी आस्था भाजपा पर बनी हुई है। भाजपा संगठन चाहे तो भूल सुधार करते हुए इन दोनों में से किसी को जिला पंचायत अध्यक्ष बना सकती है। इसी तरह जिले की सात जनपद पंचायतों में से अधिकांश जनपद पंचायतों में भाजपा समर्थिंत सदस्य चुनकर आए हैं। जिन जनपद पंचायतों में संख्या बल कम है वहां भाजपा और कांग्रेस दोनों ही पार्टियां जनपद अध्यक्ष की कुर्सी पर कब्जा जमाने की जोड़ तोड़ में जुट गई हैं। दो चार दिनों में स्थिति स्पष्ट हो जाएगी कि किस जनपद में किसकी ताजपोशी होती है। ज्ञातव्य हो कि कांग्रेस को जहां आपसी गुटबाजी में सत्ता से बाहर का रास्ता देखना पड़ा था और भाजपा सत्ता में आने के बाद से लगातार जीत की ओर अग्रसर हो रही है। निकाय चुनाव में जहां कांग्रेस का सूपड़ा साफ हो चुका है तो वहीं पंचायत चुनाव में भी कांग्रेस को तगड़ा झटका लगा है। जिला पंचायत, जनपद एवं ग्राम पंचायतों में अधिकांश जगहों पर भाजपा की जीत से एक बार फिर गांव गांव में कमल खिल चुका है।

बनवासी, सारिता या वेदवती?
बस्तर जिला पंचायत के 15 सदस्यों में से भाजपा समर्थिंत 12 से अधिक सदस्यों ने जीत दर्ज कर जिला पंचायत में भाजपा का कब्जा बरकरार रखा है।भाजपा द्वारा अधिकृत 10 प्रत्याशियों ने जीत दर्ज की है तो वहीं दो ऐसे सदस्य हैं जो पार्टी से बगावत कर चुनाव जीत गए हैं। जिला पंचायत क्षेत्र क्रमांक 8 से सरिता जितेंद्र पाणिग्रही और क्षेत्र क्रमांक 9 से बनवासी मौर्य हैं तो कट्टर भाजपा समर्थक लेकिन उन्होंने स्वतंत्र चुनाव लड़ा था। सारिता पाणिग्रही और बनवासी मौर्य ने भाजपा समर्थिंत प्रत्याशियों को पराजित कर जीत दर्ज की है। इन्होंने पार्टी के समक्ष क्षेत्र में अपनी पकड़ होने का बड़ा सबूत दे दिया है। भाजपा संगठन भी दो निर्दलीय प्रत्याशी को जीत के बाद भाजपा अपनी जीत बता रही है। इस लिहाज से अध्यक्ष पद के लिए सारिता पाणिग्रही और बनवासी मौर्य की दावेदारी तो बनती है। जिला पंचायत में कांग्रेस को मात्र दो सीटों पर जीत दर्ज कर संतुष्ट होना पड़ा है। इस हिसाब से कांग्रेस अध्यक्ष की कुर्सी से कोसो दूर है। फिलहाल अध्यक्ष की दौड़ में वेदवती कश्यप, बनवासी मौर्य और सारिता पाणिग्रही के नामों की चर्चा है।

जनपद पंचायतों में जोड़तोड़
बस्तर जिले की 7 जनपद पंचायतों में अधिकांश में भाजपा प्रत्याशियों की जीत से भाजपा को अध्यक्ष की कुर्सी के लिए ज्यादा मशक्कत नहीं करनी होगी। सिफ नामों को लेकर विचार मंथन कर सक्रियता के आधार पर नाम की घोषणा करनी होगी। जगदलपुर जनपद में जहां भाजपा की पूर्ण बहुमत हैं तो वहीं बस्तर के 24 में से 15 भाजपा समर्थिंत प्रत्याशी जीत कर आए हैं। यहां कांग्रेस को 9 सीटें ही मिल पाई हैं। लोहंडीगुड़ा में भाजपा की बहुमत है। जिन स्थानों पर आंकड़ा बहुमत के करीब नहीं है, वहां भाजपा अध्यक्ष की कुर्सी की जोड़तोड़ में जुट गई है तो वहीं कांग्रेस के नेता निराश हो चुके हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *