कांग्रेस पार्टी इंद्रावती बचाओ अभियान की लड़ेगी बड़ी लड़ाई, चित्रकोट से लेकर जगदलपुर तक करेगी विशाल पदयात्रा–सुशील मौर्य

बस्तर की जीवनदायिनी इंद्रावती नदी को बचाने सामाजिक संगठन, व्यापारीगण सहित अन्य राजनीतिक दल व शहरवासी भी बनेंगे अभियान का हिस्सा …..*

*बस्तर और इंद्रावती नदी दोनों ही खतरे में,विशाल पदयात्रा कर कलेक्ट्रेट घेराव कर भाजपा की सोई सरकार को जगाने का करेगी कार्य*

*जगदलपुर*
*आज बस्तर का लोकतांत्रिक अधिकार व बस्तर की जीवनदायिनी इंद्रावती नदी सूखने के कगार पर है..भाजपा सरकार की जनविरोधी नीतियों के चलते बस्तर और इंद्रावती नदी दोनों ही बड़े खतरे में है…जिसको लेकर आगामी दिनों में कांग्रेस पार्टी बड़ी लड़ाई लड़ने को तैयार है..कांग्रेस पार्टी चित्रकोट के लोहंडीगुड़ा से लेकर जगदलपुर तक का विशाल पदयात्रा कर इंद्रावती के अस्तित्व को बचाने,किसानों के हुए फसल नुकसान के मुआवजा, बस्तर में बढ़ते भीषण जलसंकट सहित अन्य महत्वपूर्ण मांगो को लेकर कलेक्टर कार्यालय का घेराव कर इस निरंकुश,जनविरोधी, पर्यावरण विरोधी, किसान विरोधी और सोई हुई भाजपा सरकार को जगाने का कार्य करेगी…उक्त बातें बस्तर जिला कांग्रेस कमेटी शहर अध्यक्ष सुशील मौर्य ने प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से कही है …..*

*शहर अध्यक्ष सुशील मौर्य ने कहा बस्तर के आदिवासियों की जल,जंगल,जमीन को यह भाजपा सरकार उजाड़ रही है..बस्तर की सुंदरता के साथ खिलवाड़ बस्तर के जल जंगल जमीन के पूजक आदिवासियों का शोषण यह डबल इंजन की सरकार कर रही है.. बस्तर के लोकतांत्रिक मूल्यों व अधिकार के साथ बस्तर की जीवनदायिनी इंद्रावती नदी को बचाने समस्त सामाजिक संगठन,किसान, व्यापारीगण सहित अन्य राजनीतिक दल व शहरवासी भी इस विशाल पदयात्रा का अभियान का हिस्सा बने बनेंगे …*

*आज एक बार फिर से बस्तर के लोंगों का लोकतांत्रिक अधिकार खतरे में है बस्तर की प्राणदायिनी इंद्रावती नदी पूरी तरह से सूख चुकी है, पिछले कई दिनों से इंद्रावती से सटे किसान इंद्रावती नदी में पानी की मांग को लेकर आंदोलनरत हैं, उड़ीसा में इनकी सरकार मतलब ट्रिपल इंजन की सरकार किसानों की मांग को अनसुना कर रही है,जल संसाधन मंत्री बस्तर से ही आते हैं भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष बस्तर से हैं जो कि स्वयं जगदलपुर के विधायक हैं उड़ीसा सीमा से चित्रकूट जलप्रपात के बीच 10 छोटे एनीकेट बने हैं जिनमें से वर्तमान स्थिति में चार एनीकेट पूरी तरह से सूख चुके हैं, मटनार बैराज और देउरगांव बैराज को प्रशासनिक स्वीकृति ये सरकार नहीं दे रही है और ना ही ओडिशा सरकार पर खातिगुड़ा डैम से पानी छोड़ने दबाव बनाया जा रहा है..बस्तर में सिंचाई सुविधाओं में विस्तार,इंद्रावती नदी में प्रस्तावित मटनार, देहरगांव, नगरनार बैराज पर जल्द से जल्द कार्य प्रारंभ करने,किसानों को फसल नुकसान का सर्वेक्षण कर मुआवजे जैसे आदि महत्वपूर्ण मांगों के साथ ही अन्य मुद्दों को लेकर इंद्रावती नदी बचाओ संघर्ष समिति अभियान 28 से 30 अप्रैल तक का विशाल पदयात्रा व कलेक्ट्रेट घेराव कर बड़ी लड़ाई लड़ेगी और इस निरंकुश व सोई हुई भाजपा सरकार को जगाने का कार्य करेगी…*

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