जल, ज़मीन, खनिज हमारा और हमारे ही प्रदेश के युवाओं को नौकरी देने में उपेक्षा! डबल इंजन वाली सरकार का युवा विरोधी चेहरा उजागर: अजय बिसाई

जगदलपुर। भारतीय जनता पार्टी की डबल इंजन सरकार पर छत्तीसगढ़ और छत्तीसगढ़िया हितों की विरोधी होने का आरोप लगाते हुए युवा कांग्रेस जिला अध्यक्ष अजय बिसाई ने कहा है कि हाल ही में एनएमडीसी भर्ती के विज्ञापन से स्पष्ट है कि भाजपा सरकारों की मंशा छत्तीसगढ़िया हित में नहीं है। कुल विज्ञापित 995 पदों में से 745 अर्थात लगभग 75 प्रतिशत पद छत्तीसगढ़ के किरंदुल और बचेली के खदानों के लिए हैं, लेकिन हैदराबाद से शुरू की गई इस भर्ती प्रक्रिया में छत्तीसगढ़ के युवाओं के लिए कोई प्राथमिकता तय नहीं है। ज़मीन हमारी, खनिज हमारा और हमारे ही प्रदेश के युवाओं को नौकरी देने में उपेक्षा! यह नहीं चलेगा।
जिला युवा कांग्रेस अध्यक्ष बिसाई ने कहा है कि सरकारी उपक्रम एनएमडीसी, बैलाडीला क्षेत्र के लौह अयस्क का दोहन करती है। सर्वाधिक सक्रिय माइंस छत्तीसगढ़ में ही संचालित हैं, एनएमडीसी के कुल मुनाफे का 80 प्रतिशत भाग केवल छत्तीसगढ़ से आता है, फिर भी मुख्यालय हैदराबाद में स्थित है, जो तर्कसंगत नहीं है। मुख्यालय छत्तीसगढ़ में नहीं होने की वजह से ही कॉरपोरेट टैक्स में राज्य सरकार का हिस्सा, जीएसटी से राज्यांश जैसे अनेकों लाभ तेलंगाना को मिल रहा है। पूर्व में परिस्थितियों अलग थीं। बस्तर में हवाई सेवा, होटल और परिवहन सुविधाओं की कमी की वजह से एनएमडीसी का मुख्यालय हैदराबाद में बनाया गया था। लेकिन अब छत्तीसगढ़ में वे सभी सुविधाएं विद्यमान है। खदान छत्तीसगढ़ में है तो अब मुख्यालय भी प्रदेश में ही होना चाहिए। युवा नेता अजय बिसाई ने कहा है कि 1998 में अविभाजित मध्यप्रदेश की विधानसभा में रायपुर में एनएमडीसी मुख्यालय स्थानांतरित करने का प्रस्ताव सर्वसम्मति से पास किया गया था, इस प्रस्ताव की अनुशंसा केंद्र को भेजी जा चुकी है, लेकिन अब तक इस पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा सका है। इसके लिए छत्तीसगढ़ की पूर्ववर्ती कांग्रेस की सरकार के समय भी तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने लगातार प्रयास किए। एनएमडीसी की भर्ती परीक्षा नागपुर के स्थान पर जगदलपुर और दंतेवाड़ा में आयोजित करने की शुरुआत हुई, मुख्यालय स्थानांतरित करने के लिए प्रधानमंत्री से मुलाकात और अनेकों पत्राचार किए गए, लेकिन केंद्र सरकार ने कोई कार्यवाही नहीं की केवल आश्वासन ही देती रही। युकां अध्यक्ष अजय बिसाई ने कहा है कि छत्तीसगढ़ के बैलाडीला क्षेत्र में भांसी, किरंदुल और बचेली में न केवल एनएमडीसी की लौह अयस्क की सभी प्रमुख खदानें हैं, बल्कि अब तो जगदलपुर के पास नगरनार में एनएमडीसी का सबसे बड़ा इस्पात संयंत्र भी स्थापित हो चुका है, वहां उत्पादन भी शुरू हो गया है, लेकिन मुख्यालय अभी भी तेलंगाना में ही स्थित है। हैदराबाद में बैठे अधिकारियों के दिशा निर्देश से छत्तीसगढ़ के पूरे कार्यों का संचालन हो रहा है। डबल इंजन की सरकार का दंभ भरने वाले भाजपा नेताओं, भाजपा के सांसदों और छत्तीसगढ़ की विष्णुदेव साय सरकार को इस मामले में अपनी स्थिति स्पष्ट करना चाहिए, एनएमडीसी का मुख्यालय छत्तीसगढ़ स्थानांतरित करवाने केंद्र की मोदी सरकार पर दबाव बनाना चाहिए और भर्ती परीक्षा में छत्तीसगढ़ के युवाओं को प्राथमिकता का प्रावधान किया जाना चाहिए।

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