अब नहीं खा पाएंगे ओपन परीक्षा केंद्र की मलाई
–अर्जुन झा-
जगदलपुर। शिक्षकों के संलग्नीकरण पर शासन द्वारा रोक लगाए जाने के बावजूद बस्तर जिले में शिक्षकों का बेधड़क संलग्नीकरण किया जाता रहा है। विभाग की मलाईदार शाखाओं में अटैचमेंट के लिए खुद शिक्षक लालायित रहते हैं। वहीं पहले के अफसर भी उन पर विशेष रूप से मेहरबान रहे हैं। ऐसा ही एक उप प्राचार्य से जुड़ा हुआ मामला सामने आने के बाद नए संयुक्त संचालक शिक्षा एचआर सोम ने इस खेल पर लगाम लगाने का फैसला किया है।
संलग्नीकरण पर रोक संबंधी आदेश जारी होने के बीस दिन बाद ही इस उप प्राचार्य को फिर से राज्य ओपन परीक्षा का प्रभारी बना दिया गया है। बस्तर जिले के तोकापाल विकासखंड के हायर सेकंडरी स्कूल सिरिसगुड़ा के प्राचार्य पद पर पदोन्नत महारानी लक्ष्मी बाई हायर सेकंडरी स्कूल ओपन स्कूल बोर्ड परीक्षा के उप प्राचार्य अवनीश कुमार दानी ओपन स्कूल बोर्ड परीक्षा के उप प्रचार्य पद का मोह नहीं छोड़ पा रहे हैं। वहीं इस प्रभार के पीछे संयुक्त संचालक ने श्री दानी के पूर्व के कार्य अनुभव को आधार माना है। मजे की बात तो यह है कि यह अटैचमेंट स्कूल शिक्षा विभाग संचालनालय के उस आदेश के महज बीस दिन बाद ही कर दिया गया, जिसमें साफ तौर पर संलग्नीकरण पर रोक लगाने की बात कही गई है। संचालनालय ने यह आदेश 2 सितंबर 2025 को जारी किया था। श्री दानी के संलग्नीकरण ने यह भी जाहिर कर दिया है कि बस्तर में पदस्थ बड़े अधिकारियों को उच्च कार्यालय के आदेश की कोई परवाह नहीं रहती।
चर्चा है कि अविनाश कुमार दानी ने वर्षों से इस परीक्षा के जरिए परीक्षार्थियों को परीक्षा पास करने और शत प्रतिशत अंक दिलाने का खेल करने के लिए बस्तर से लेकर रायपुर तक अपनी गोटी बिठा रखी है। उन्होंने पद प्रतिष्ठा का ख्याल नहीं करते हुए बस्तर क्षेत्र के गरीब आदिवासी समाज को खूब मनमाने ढंग से लूट लिया है। ओपन परीक्षा के मुख्य अधिकारी संजय पांडेय से चर्चा करने का प्रयास दूरभाष पर किया गया किंतु उन्होंने इस बाबत शासन के नियमों का हवाला देकर कुछ भी कहने से इंकार कर दिया। इस सारे मामले पर लगातार कई लोगों और शिक्षक संगठन के पदाधिकारियों की प्रतिक्रिया आई है कि जब संलग्नीकरण पर रोक लगी रहने के बाद भी संलग्नीकरण करवा कर लोग दूसरे विभाग मेंअपनी सेवाएं दे रहे हैं, जबकि वे अपना वेतन अपने मूल विभाग से प्राप्त कर रहे हैं।
कराएंगे प्रकरण की जांच
प्रमोशन के पश्चात जिस जगह आदेशित हुआ है वहां जाकर अपनी सेवाएं देनी चाहिए, मैं जल्द से जल्द ऐसे मामलों की जांच करवा कर उन्हें उनकी जगह सेवाएं देने आदेशित करूंगा।
–एचआर सोम,
संयुक्त संचालक, शिक्षा, बस्तर संभाग
