माथुर परिवार ने पेश की सामाजिक सरोकार की बड़ी मिसाल; फॉर्चूनर से निकली ड्राइवर दूल्हे राजा की बरात


दली राजहरा। आमतौर पर बड़े और साधन संपन्न लोग अपने ड्राइवर, अर्दली, खानसामा आदि कर्मचारियों को दोयम दर्जे का समझते हैं, उनके साथ ठीक से बर्ताव नहीं करते, मगर दल्ली राजहरा में एक ऐसा सुशिक्षित और साधन संपन्न परिवार है जो अपने कर्मचारियों को फेमिली मेंबर की तरह अपनत्व और स्नेह देते हैं। इसकी एक शानदार बानगी खनिज नगरी दल्ली राजहरा में तब देखने को मिली, जब एक ड्राइवर अपनी मालिक की फॉर्चूनर कार में दूल्हा बनकर दुल्हनिया लेने निकला।


दल्ली राजहरा का माथुर परिवार पूरे छत्तीसगढ़ में प्रतिष्ठित परिवार के रूप में जाना पहचाना जाता है। माथुर परिवार केअधीन पचासों कर्मचारी और मजदूर कार्यरत हैं। इन सभी कर्मचारियों को माथुर परिवार का हर सदस्य भरपूर प्यार और स्नेह देता है। उनके हर सुख दुख का पूरा ध्यान रखा जाता है। ये उस संस्कार की देन है, जो माथुर परिवार की वट वृक्ष श्रीमती शिरोमणि माथुर ने दिए हैं।यही संस्कार इस परिवार की तरक्की का सबसे बड़ा आधार भी है। मालिकों से अपनत्व मिले तो जाहिर सी बात है कर्मचारी भी इस परिवार पर अपनी जान लुटाने तैयार रहते ही होंगे।आप शायद यकीन न करें, लेकिन इस परिवार के सदस्य आशुतोष माथुर ने अपने ड्राइवर की बरात के लिए अपनी लग्जरी फॉर्चूनर कार दे दी। दूल्हा बना ड्राइवर पिंकी यादव बड़ी शान से फॉर्चूनर कार में बैठकर बाजे गाजे के साथ दुल्हनिया लेने चल पड़ा। पिंकी यादव माथुर कंस्ट्रशन में बतौर ड्राइवर कार्यरत है। उसने एक स्थानीय स्वजातीय युवती से प्रेम विवाह करने की बात अपने बॉस से की। चूंकि युवती स्वजातीय और बालिग है, लिहाजा माथुर कंस्ट्रशन की डायरेक्टर श्रीमती शिरोमणि माथुर ने उसकी शादी पर सहमति जताते हुए हर संभव सहयोग का भरोसा दिलाया। 25 नवंबर को बड़े धूमधाम से पिंकी यादव की शादी हुई। शिरोमणि माथुर एक सामाजिक कार्यकर्ता भी हैं। अतः उनके परिवार ने इस विवाह में यथासंभव सहयोग कर इस विवाह को अन्य लोगों के लिए अनुकरणीय बना दिया। पिंकी यादव का विवाह स्थानीय रेलवे कॉलोनी के शीतला मंदिर में हुई जहां पिंकी की नव वधु के साथ उसके परिवार ने वर पक्ष का स्वागत किया। माथुर परिवार सामाजिक सरोकारों में भरपूर योगदान देता आ रहा है।

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