नए साल की नई सुबह नक्सल गढ़ में प्रस्फुटित होगी शांति की नई किरण
-अर्जुन झा-
जगदलपुर। नाए साल की नई सुबह छत्तीसगढ़, मप्र आंध्रप्रदेश, तेलंगाना, महाराष्ट्र जैसे नक्सल प्रभावित राज्यों के लिए शांति और उम्मीद की नई किरण प्रस्फुटित करने जा रही है। एमएमसी जोन के सैकड़ों नक्सली 1 जनवरी 2026 से हथियारबंद संघर्ष विराम करने वाले हैं। नक्सलियों ने एक शर्त भी रखी है कि जो राज्य सरकार उन्हें तवज्जो देगी, वे उसी राज्य के साथ जाएंगे।
एमएमसी जोन के प्रवक्ता अनंत ने एक प्रेसनोट जारी कर सभी नक्सलियों से यह बात कही है। अनंत ने एमएमसी जोन के सभी नक्सलियों से यह अपील की है। नक्सली नेता अनंत ने कहा है एक एक करके समर्पण न करें सब एकसाथ जाएंगे। नक्सली नेता ने यह भी कहा है कि वे अपने साथियों के साथ सरकार की पूना मार्गेम अभियान को स्वीकार करेंगे समर्पण नही।नक्सल प्रवक्ता ने आपसी तालमेल और संपर्क के लिए बाउपेंग का एक खुला फ्रीक्वेंसी नंबर भी जारी किया है और कहा है कि जो सरकार उन्हें ज्यादा तवज्जो देगी, वे उसी सरकार के साथ जाएंगे। नक्सल प्रवक्ता ने कहा है कि हथियार छोड़ने का मतलब जनता के साथ धोखा या गद्दारी नही है, बल्कि यह समय संघर्ष के लिए उचित नहीं है क्योंकि हथियार एक साध्य है साधन नही। एमएमसी जोन कैडर की इस पहल को नक्सल प्रभावित राज्यों में शांति स्थापना की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। दूसरी ओर लगातार मुठभेड़ों में नक्सलियों के मारे जाने और सैकड़ों की तादाद में नक्सलियों के आत्मसमर्पण को देखते हुए बड़े कैडर में उत्पन्न भय को भी यह परिलक्षित करता है। अब देखने वाली बात यह है कि एमएमसी जोन के इस ऑफर को कौन सा राज्य स्वीकार करता है?
