आदि परब में बस्तर का लहराया परचम



जगदलपुर। राजधानी रायपुर में ट्रायबल रिसर्च इंस्टीट्यूट के तत्वावधान में राज्य स्तरीय आदि परब का आयोजन किया गया। इस आयोजन में बस्तर संभाग सहित देश भर से 43 जनजातियों ने हिस्सेदारी की। तीन दिवसीय इस आयोजन में बस्तर से गई समाजसेविका महफूजा हुसैन और उनकी टीम ने सभी जनजातियों के युवाओं को कैट वाक का प्रशिक्षण दिया।
छत्तीसगढ़ में हुए इस वृहद आयोजन की गतिविधि को गोल्डन बुक ऑफ़ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज कराने की प्रक्रिया चल रही है। आयोजन के समापन पर मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय रहे। उन्होंने बस्तर से आई महफूजा के कार्यों की सराहना करते उन्हें सम्मानित किया।
इस अंतरराज्यीय प्रदर्शन में छत्तीसगढ़, ओड़िशा, झारखंड, तेलंगाना समेत आधा दर्जन राज्यों से जनजातीय युवा जमा हुए थे। सभी के मेकअप, ड्रेस डिजाइनिंग, परम्परागत गहने पहनाने और कैट वाक की जिम्मेदारी बस्तर की महफूजा को दी गई थी।
महफूजा ने बताया कि उनके साथ स्वाति गोयल, कृष्णा यादव, अंजू सागर, निशांत और आरजू थे। इस काम के लिए हमने 2 महीने रिसर्च किया। हमें टीआरआई की डायरेक्टर आईएएस हीना नेताम, जॉइंट डायरेक्टर गायत्री नेताम, डिप्टी डायरेक्टर रमा उइके, रिसर्चर अंकिता कुंजाम और ईश्वर साहू का मार्गदर्शन मिला। अतिथियों ने बस्तर की टीम की सराहना करते कहा प्रतिभा के मामले में बस्तर सबसे आगे निकल गया है।

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