टीम वर्क ने बेहद आसान सफल बना दिया बड़े साहित्यिक आयोजन को
दल्ली राजहरा। राजेंद्र भैया की संगठन क्षमता, शेखर का काम के प्रति लगाव, हित्तू का काम करने का पागलपन, राजू का सबको साथ लेकर चलने का प्रयास, गपलू का सहयोग, आशीष का अपनों के प्रति समर्पण, अपने दोनों मनोज की कर्मशीलता, गुल्लू की मेहनत, छगन भैया का संचालन, दिगंत, नेहा, पार्थ और ऋतु का सबको साथ लेकर चलने का प्रयास, श्रीवास्तव जी के मार्गदर्शन और अम्मा के आशीर्वाद ने मुझे दिल की गहराइयों तक प्रभावित किया है। बाकी सभी साथियों के सहयोग ने कार्यक्रम को सफल बनाया, बाहर से आए अतिथियों में भी काफी अच्छा संदेश गया।


छत्तीसगढ़ की प्रख्यात लेखिका, कवियित्री और समाजसेविका डॉ. शिरोमणि माथुर द्वारा लिखित पांच पुस्तकों के विमोचन कार्यक्रम में शामिल सभी अतिथि, साहित्यकारों ने इस कार्यक्रम की भूरि भूरि प्रशंसा की। सभी लोगों ने समवेत स्वर में कहा कि इस सफल कार्यक्रम के पीछे एक टीम वर्क का बड़ा योगदान रहा है। मंच संचालन से लेकर लाइट ध्वनि के साथ पुरस्कार प्रदान करते समय सभी व्यवस्था को दुरुस्त करने में उनकी बेहतरीन व्यवस्था रही। नगर के प्रबुद्ध जनों ने कहा कि इतने बड़े साहित्यिक कार्यक्रम का निर्विघ्न समापन महत्वपूर्ण है। राजेंद्र भारद्वाज का कुशल निर्देशन, शेखर रेड्डी जैसे युवा की शालीनता पूर्वक अतिथियों का स्वागत अभिनंदन, छगन साहू स्थानीय भाषा में दखल रखते हैं, राजनीतिक सूझबूझ के साथ उनका मंच संचालन विद्वान अतिथियों को बहुत भाया। श्रीवास्तव जी ने सारी व्यवस्थाएं बेहतर ढंग से पूर्ण जिम्मेदारी से निभाई। सबसे बेहतर जिम्मेदारी निभाई माथुर परिवार के दो इंजीनियरों ने जो बचपन से साहित्यिक और राजनीतिक कार्यक्रम अपने परिवार में देखते आए हैं। दिगंत माथुर, पार्थ माथुर के साथ इन्हीं के पारिवारिक सदस्य इंजीनियर गपलू सेठ, मनोज, आशीष, राजू जैसे नव युवकों की बदौलत ही यह कार्यक्रम सफल हो पाया। डॉ शिरोमणि माथुर के साथ साहित्य और राजनीति की समझ ले रहे ये युवक निश्चित ही भविष्य में अपनी प्रतिभा से देश की सेवा करेंगे।
