विबी-जी-राम-जी केवल रोजगार के बारे में नहीं है; यह विकसित भारत 2047 मिशन को सशक्त करने में एक अहम पहल है” –उपाध्यक्ष छत्तीसगढ़ राज्य नीति आयोग गणेश शंकर मिश्रा
कवर्धा,,,। भारत सरकार के सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के अधीन पत्र सूचना कार्यालय (PIB), रायपुर द्वारा आज कवर्धा में एक दिवसीय ‘वार्तालाप’ (मीडिया कार्यशाला) का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला का मुख्य विषय ‘विबी-जी-राम-जी (VB-G-RAM-G): ग्रामीण भारत का परिवर्तनकारी बदलाव’ था। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में छत्तीसगढ़ राज्य नीति आयोग के उपाध्यक्ष गणेश शंकर मिश्रा और विशिष्ट अतिथि के रूप में कवर्धा जिला कलेक्टर गोपाल वर्मा उपस्थित रहे।
मीडिया को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि गणेश शंकर मिश्रा ने इस बात पर जोर दिया कि ‘विबी-जी-राम-जी’ मात्र एक रोजगार देने वाली योजना नहीं है, बल्कि ग्रामीण आबादी के संपूर्ण आजीविका परिदृश्य के कायाकल्प के लिए तैयार की गई एक महत्वाकांक्षी पहल है। उन्होंने बताया कि यह सुनिश्चित करने के लिए कि कृषि चक्र बाधित न हो, योजना में विशेष रूप से 60 दिनों का एक ‘ब्लॉक’ शामिल किया गया है, ताकि फसल कटाई के सीजन के दौरान किसान प्रभावित न हों। उन्होंने रेखांकित किया कि चूंकि भारत की 73% से अधिक आबादी आज भी ग्रामीण क्षेत्रों में निवास करती है, इसलिए यह योजना ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। श्री मिश्रा ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक दूरदर्शी नेता हैं और यह योजना उनके ‘विकसित भारत 2047’ के विजन का एक अनिवार्य हिस्सा है।
कलेक्टर गोपाल वर्मा ने कार्यक्रम के दौरान योजना के जमीनी क्रियान्वयन को लेकर विस्तार से जानकारी साझा की। उन्होंने कहा कि यह योजना ग्रामीण परिवारों को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसके तहत 125 दिनों का गारंटीकृत रोजगार सुनिश्चित किया गया है। इस योजना में ग्रामीण विकास से जुड़े विभिन्न कार्यों को शामिल किया गया है, जिससे गांवों में आधारभूत सुविधाओं का विकास तेजी से हो सकेगा। कलेक्टर ने जनसहभागिता को इस योजना की सफलता का प्रमुख आधार बताया। उन्होंने कहा कि यह योजना मनरेगा के स्थान पर लागू की जा रही है और इससे रोजगार के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में समग्र विकास को नई गति मिलेगी। योजना के प्रभावी क्रियान्वयन से जिले में विकास कार्यों में तेजी आएगी और विकसित भारत की परिकल्पना को साकार करने में यह योजना अहम भूमिका निभाएगी।
कार्यशाला का समापन स्थानीय पत्रकारों के साथ संवाद के साथ हुआ, जिसमें केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी आम जन तक पहुँचाने में मीडिया की भूमिका पर चर्चा की गई। इस कार्यक्रम में कवर्धा जिले के प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया के अनेक प्रतिनिधियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
