महापौर के आदेश को ठेंगा दिखा रहे सुलभ शौचालय के संचालक
जगदलपुर। महापौर संजय पाण्डेय के स्पष्ट निर्देश के बावजूड जगदलपुर के नया बस स्टैंड स्थित सुलभ जन सुविधा केंद्र में महिलाओं से मूत्रालय उपयोग के नाम पर 10 रुपए का शुल्क वसूला जा रहा है। इसे लेकर बस यात्रियों और स्थानीय लोगों में नाराजगी देखी जा रही है। बस स्टैंड पहुंचने वाली महिला यात्रियों का कहना है कि सार्वजनिक सुविधा होने के बावजूद इतनी अधिक राशि की वसूली उचित नहीं है।
महिलाओं का आरोप है कि बस स्टैंड में सफर के दौरान मजबूरीवश उन्हें इस सुविधा का उपयोग करना पड़ता है और इसके बदले 10 रुपए तक शुल्क देना पड़ रहा है। कई यात्रियों ने इसे आम लोगों, विशेषकर गरीब एवं ग्रामीण क्षेत्र से आने वाली महिलाओं पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ बताया है।स्थानीय लोगों का कहना है कि सरकार और प्रशासन द्वारा सार्वजनिक स्थलों पर स्वच्छता एवं मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए विभिन्न योजनाएं चलाई जा रही हैं, लेकिन इसके बावजूद ऐसी जगहों पर मनमाना शुल्क वसूला जाना सवाल खड़े करता है। लोगों ने प्रशासन से मामले की जांच कर निर्धारित शुल्क सूची सार्वजनिक करने तथा नियमों के अनुरूप ही राशि लेने की मांग की है। बस स्टैंड में प्रतिदिन बड़ी संख्या में यात्री पहुंचते हैं, जिनमें महिलाएं भी शामिल रहती हैं। ऐसे में सुलभ केंद्र में लिए जा रहे शुल्क को लेकर अब सामाजिक संगठनों और यात्रियों के बीच चर्चा तेज हो गई है। वहीं, इस पूरे मामले पर संबंधित विभाग या प्रबंधन की ओर से अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
मेयर संजय पाण्डेय ने दिए थे निर्देश
हाल हीे में महापौर संजय पाण्डेय ने नया बस स्टैंड स्थित सार्वजनिक सुलभ शौचालयों का औचक निरीक्षण किया था। इस दौरान शौचालय परिसर एवं उसके आसपास फैली गंदगी को देखकर महापौर ने नाराजगी जताते हुए सुलभ शौचालय के संचालक को कड़ी समझाईश दी थी। उन्होंने स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा था कि सुलभ शौचालयों में मूत्रालय का उपयोग पूरी तरह निःशुल्क है तथा किसी भी व्यक्ति से इसके लिए राशि नहीं ली जानी चाहिए। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे सार्वजनिक स्थानों पर यूरिन करने के बजाय शौचालयों एवं मूत्रालयों का उपयोग करें, जिससे स्वच्छता बनी रहे।उन्होंने यह भी कहा था कि सभी सुलभ शौचालयों में लगाए जाने वाले फ्लैक्स एवं सूचना बोर्ड पर “मूत्रालय उपयोग निःशुल्क है” का उल्लेख बड़े एवं स्पष्ट अक्षरों में किया जाए ताकि आमजन को सही जानकारी मिल सके और अनावश्यक शुल्क वसूली जैसी शिकायतें सामने न आएं।
इसके साथ ही नया बस स्टैंड परिसर में स्वच्छता व्यवस्था को और बेहतर बनाने के उद्देश्य से सफाई टीम को नियमित सफाई, कचरा उठाव एवं शौचालयों की निगरानी संबंधी आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए गए थे।
