बस्तर में परिवहन की कमर तोड़ देगा मोदी का फरमान



जगदलपुर. पूर्व विधायक व संसदीय सचिव रेखचंद जैन ने प्रधानमंत्री मोदी के फरमान को तुगलकी फरमान की संज्ञा देते कहा है कि इसमें बस्तर जैसे क्षेत्र की पूरी तरह से अनदेखी की गई है.
श्री जैन के अनुसार भाजपा 2017 – 18 में बस्तर की लाइफ लाइन माने जाने वाले परिवहन संघ के कार्यालय पर ताला जड़ चुकी है. इसके पदाधिकारियों को घरों से उठाकर जिस प्रकार से प्रताड़ित किया गया था, उसे न तो पदाधिकारी, ना ही उनके परिजन और ना ही संघ के सदस्य भूल पाए हैं. इसे बस्तर की लाइफ लाइन इसलिए कहा जाता है कि यहां का पूरा कारोबार इस पर निर्भर है. अब प्रधानमंत्री मोदी के फरमान ने परिवहन व्यवसाय से जुड़े लोगों की नींद उड़ा दी है. ट्रकों के लिए डीज़ल की अधिकतम सीमा के निर्धारण ने मुसीबतों का पहाड़ तोड़ दिया है. लोगों में यह भय भी व्याप्त हो गया है कि प्रधानमंत्री की घोषणाओं से आगामी दिनों में मंहगाई बढ़ जाएगी क्योंकि बस्तर संभाग के सातों जिलों में माल की ढुलाई मुख्य रूप से ट्रकों के माध्यम से होती है.
श्री जैन ने कहा है कि पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के प्रयास से 2018-19 में इसका ताला खोला गया था. तब जाकर इस व्यवसाय से जुड़े लोगों को राहत मिली थी.
पेट्रोल-डीजल के रेट बढे
पूर्व विधायक रेखचंद जैन ने कहा है कि महंगाई की मार पहले से ही जनता पर पड़ रही है, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के फरमान भी जनता को रुला रहे हैं. उन्होंने कहा की बस्तर में पेट्रोल -डीजल के रेट में बढ़ोतरी का असर दिख रहा है. परिवहन यहां घाटे का व्यवसाय बन रहा है. आवश्यक उपभोक्ता वस्तुओं की कीमतों में वृद्धि से जनता कराह रही है, तो मोदी मंत्रिपरिषद के सदस्य ढोंग में जुटे हैं और प्रधानमंत्री पांच देशों की यात्रा पर जनता को ठेंगा दिखाते निकल पड़े हैं.
हर मोर्चे पर फेल होती केंद्र सरकार
पूर्व विधायक ने कहा है कि केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री मोदी हर मोर्चे पर फेल साबित हो रहे हैं. प्रत्येक फेल के लिए खाड़ी युद्ध को जिम्मेदार ठहराया जा रहा है. बात चाहे मोदी के हाल के फरमान हों या नीट परीक्षा पेपर लीक का मामला हो. लोगों को यह बताया जाना चाहिए कि आखिर रुपये डॉलर के मुकाबले ठहर क्यों नहीं रहा है? इसके संकेत खाड़ी युद्ध के पहले ही मिल गए थे. लोगों को यह बताया जाना चाहिए कि प्रधानमंत्री ने मंहगाई रोकने कौन से उपाय किए हैं ? छत्तीसगढ़ में मोदी की गारंटी वैसे भी फेल हो गई है. राज्य में विधानसभा चुनाव के पहले भाजपा ने अपने संकल्प पत्र को मोदी की गारंटी के नाम से प्रचारित किया था.इसके कई प्रावधान अब भी लागू होने की बाट जोह रहे हैं.

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