नपा के अधिकारी की मिलीभगत से अवैध निर्माण
दल्ली राजहरा। नगर के जैन मंदिर वार्ड क्रमांक 22 में जिस अवैध मकान और नाली निर्माण पर सीएमओ द्वारा रोक लगाई गई थी, अब उसी जगह पर नगर पालिका के राजस्व अधिकारी की देखरेख में रोक की अनदेखी करके, नाली निर्माण कार्य कराया जा रहा है।
वार्ड क्रमांक 22 जैन मंदिर वार्ड दल्ली राजहरा की निवासी पुष्पा प्रसाद के मकान के पीछे के हिस्से पर बनी निकासी नाली और खाली जगह पर लक्ष्मी बाई, उसकी सास सावित्री बाई तथा उनके परिवार वालों द्वारा बांस बल्ली लगाकर अवैध रूप से अतिक्रमण कर नाली निकासी का मार्ग अवरुद्ध कर दिया गया है। इसकी शिकायत पुष्पा प्रसाद द्वारा नगर पालिका के सीएमओ से की गई थी। सीएमओ ने अपने मातहत अधिकारियों को अवैध कब्जा और अवैध निर्माण तत्काल हटाने के निर्देश दिए थे। मगर नगर पालिका के अधिकारियों ने अवैध कब्जा हटाने के बजाय उसी जगह पर लक्ष्मी बाई, सावित्री बाई और उनके परिवार को अवैध निर्माण की खुली छूट दे दी गई है। राजस्व अधिकारी के संरक्षण में वहां अब पक्का निर्माण कराया जा रहा है। इसके चलते पुष्पा प्रसाद और उसके भाई के मकानों के गंदे पानी की निकासी अवरुद्ध हो गई है। आसपास गंदगी फैल रही है और बीमारी फैलने का भी खतरा बढ़ गया है।. पानी की निकासी बंद हो जाने से पुष्पा प्रसाद व उसके भाई के परिवार बहुत परेशान हैं।
वहीं अवैध निर्माण को प्रोत्साहन देने वाले अधिकारी पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है।उधर शिकायतकर्ता पुष्पा प्रसाद के घर का पानी निकासी न होने के कारण पानी घर के अंदर जमा हो रहा है सीपेज आ रहा है। पहले पुष्पा प्रसाद की जगह पर नाली के ऊपर लक्ष्मीबाई द्वारा कच्चा मकान झोपड़ी बनाकर कब्जा किया गया था जिसे तहसीलदार द्वारा मौका जांच कर अतिक्रमण हटाया जा चुका है। वर्तमान में नाली निर्माण होना है किंतु अनावेदिका द्वारा नाली निर्माण करने से रोक लगाया जा रहा है झगड़ा लड़ाई कर अमादा हो जाते हैं। जबकि नाली की जगह भी पुष्पा प्रसाद की है। इस मामले में 20 मार्च 2026 को नगर पालिका द्वारा छत्तीसगढ़ नगर पालिका अधिनियम 1961 की धारा 187 के उल्लंघन का हवाला देकर नोटिस जारी किया गया था जिसमें 07 दिवस के भीतर अवैध निर्माण हटाकर यथास्थिति में लाने की बात कही गई थी। अब हालत यह है कि पानी निकासी नहीं होने से सीपेज आ जाने के कारण पुष्पा प्रसाद के मकान के ढहने का भी खतरा पैदा हो गया है।
