हिरनमयी मेडिकल स्टोर है ग्रामीणों का जीवनदाता, कार्रवाई का कड़ा विरोध



बकावंड विकासखंड बकावंड में सुशासन सरकार में जनसेवा की मिसाल कायम कर रहे डिमरापाल के हिरनमयी मेडिकल स्टोर के खिलाफ झूठी शिकायत के आधार पर की जा रही कार्रवाई का विरोध आसपास के करीब आधा दर्जन पंचायतों के ग्रामीण और पंच सरपंचों ने पुरजोर विरोध किया है। इस संबंध में सरपंचों ने कलेक्टर को आवेदन भी दिया है।


पिछले दिनों ग्राम डिमरापाल में संचालित हिरनमयी मेडिकल स्टोर के संचालक के विरुद्ध स्वास्थय विभाग को कथित शिकायत मिली थी कि मेडिकल स्टोर संचालक बगैर डाक्टर की पर्ची के मरीजों को दवाइयां देता है तथा उसके इलाज से किसी व्यक्ति की मृत्यु हुई है। इस तथाकथित शिकायत की स्वास्थ्य विभाग द्वारा जांच की जा रही है। ग्राम पंचायत डिमरापाल के सरपंच, उप सरपंच एवं अन्य ग्रामीणों द्वारा मेडकल स्टोर के संचालक के पक्ष में आवेदन दिया गया था। आवेदन में कहा गया था कि उक्त मेडिकल स्टोर के होने से दूरस्थ ग्रामीण अंचलों के लोगों को आपातकालीन स्थिति में आवस्यक जीवन रक्षक दवाइयां प्राप्त होती हैं। ग्रामीणों के हितों को देखते हुए मेडिकल स्टोर के विरुद्ध कोई कार्रवाई न की जाए। इसी कड़ी मे आसपास की डिमरापाल, जैबेल, फरसरा, मरेठा, बड़े जीराखाल समेत करीब आधा दर्जन ग्राम पंचायतों के पंच, सरपंचों और ग्रामीणों ने कलेक्टर बस्तर को आवेदन देकर जानकारी दी है कि हिरनमयी मेडिकल स्टोर द्वारा इमरजेंसी मे उन्हें मेडिसिन प्राप्त होती है एवं संचालक 24घंटे उपलब्ध रहते हैं और बीमार एवं घायल ग्रामीणों की जान बचाने में सहायक बनते हैं।वे जनसेवा का कार्य करते हैं। अतः मेडिकल स्टोर संचालक के इस पुनीत कार्य को देखते हुए तथा ग्रामीणों के हित मे हिरनमयी मेडिकल स्टोर एवं उसके संचालक के विरुद्ध कोई कार्रवाई न की जाए।

नहीं मिला कोई साक्ष्य
विदित हो कि स्वास्थ्य विभाग को कथित शिकायत प्राप्त होने के बाद खंड चिकित्सा अधिकारी, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी और ड्रग इंस्पेक्टर के नेतृत्व में टीमें गठित कर टीमों द्वारा क्रमशः दिनांक 29 अप्रैल, 1 मई और 5 मई को मेडिकल स्टोर में जांच की गई। मगर जांच में शिकायत के पक्ष में कोई भी साक्ष्य प्राप्त नहीं हुआ, न ही मृतक के परिजनों द्वारा कोई शिकायत की गई है। सरपंचों व ग्रामीणों ने कलेक्टर बस्तर के अलावा अनुविभागिय अधिकारी राजस्व, मुख्य चिकित्सा स्वास्थ्य अधिकारी एवं खंड चिकित्सा अधिकारी को भी आवेदन देकर मेडिकल स्टोर व संचालक के खिलाफ कोई कार्रवाई न करने का आग्रह किया है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *