बेसहारा बच्चों का सहारा बने जुगल कश्यप
बकावंड। कहते हैं जिन बच्चों को पालने वाले माता पिता दिवंगत हो चुके रहते हैं उनके पालनहार भगवान खुद बन जाते हैं, या फिर किसी व्यक्ति के रूप में खुद धरती पर आ जाते हैं। भगवान ने युवक जुगल कश्यप को शायद अपने इसी उद्देश्य की पूर्ति का माध्यम बना लिया है। जुगल कश्यप आज अनाथ बच्चों के लिए जो काम कर रहे हैं, उसकी जमकर सराहना सभी ग्रामीणों द्वारा की जा रही है।
नक्सलमुक्त बस्तर में शिक्षा की अलख जगाने और बेसहारा बच्चों को सहयोग करने का नेक काम जुगल कश्यप कर रहे हैं। बकावंड जनपद की ग्राम पंचायत राजनगर के प्रतिनिधि जुगल कश्यप ने अनाथ बच्चों की शिक्षा जारी रखने में योगदान देने का बीड़ा उठाया है। उन्होंने राजनगर की प्राथमिक शाला प्लाट पारा और प्राथमिक शाला राजनगर एवं प्राथमिक शाला मुंडा पारा में जाकर जिन बच्चों के माता व पिता नहीं रहे वैसे 30 बच्चों को स्कूल बैग एवं कापी पेन का वितरण किया। वार्ड पंच जुगल कश्यप द्वारा किया गया यह सराहनीय कार्य बस्तर के सभी पंचायत प्रतिनिधियों के लिए प्रेरणास्त्रोत बन गया है। ऐसा ही कार्य हर ग्राम पंचायत में सरपंच और पंच करें, तो गांव गांव में शिक्षा की लहर चल पड़ेगी, गांवों के विकास में कोई दिक्कत नहीं आएगी। वार्ड पंचों को सेवा भावना के साथ शिक्षा एवं गरीब बच्चों के सहयोग के लिए आगे आना चाहिए।
