गरीबों की आह भाजपा सरकार को भारी पड़ेगी समय हमेशा एक जैसा नहीं रहता – मो. अकबर
कवर्धा,,,रायपुर जिले के ग्राम पंचायत नकटी में गरीब परिवारों के मकानों पर चली बुलडोजर कार्रवाई को लेकर पूर्व कैबिनेट मंत्री मोहम्मद अकबर ने कहा कि भाजपा सरकार पर जोरदार हमला बोलते हुए कहा कि यह कार्रवाई प्रशासनिक नहीं, बल्कि गरीब विरोधी मानसिकता का खुला प्रदर्शन है।

पूर्व कैबिनेट मंत्री मोहम्मद अकबर ने कहा कि पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के समक्ष भी यह मामला आया था, लेकिन तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने गरीबों की बस्ती उजाड़कर विधायकों का आवास बनाने से मना कर दिया था। भूपेश सरकार में आवास एवं पर्यावरण मंत्री रहे वरिष्ठ कांग्रेस नेता मोहम्मद अकबर ने यह खुलासा किया कि भूपेश सरकार में यह मामला सामने आने के बाद चर्चा हुई थी, लेकिन तब उन्होंने दो टूक इंकार कर दिया था। उन्होंने कहा कि नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण के दायरे में ग्राम नकटी समेत 41 गांव हैं। चर्चा के दौरान मो.अकबर ने कहा कि कांग्रेस सरकार में यह विभाग मेरे पास था। वर्तमान में मंत्री ओपी चौधरी के पास यह विभाग है। कांग्रेस शासन में भी ग्राम नकटी के इस बस्ती की जानकारी आई थी। उस दौरान तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बस्ती को उजाड़ने से मना कर दिया था। अकबर के मुताबिक नवा रायपुर क्षेत्र में 50 से अधिक ऐसे क्षेत्र हैं, जहां विधायकों के लिए कॉलोनी बन सकती है।
पूर्व कैबिनेट मंत्री मोहम्मद अकबर ने कहा कि ग्राम का नाम नकटी है इसे याद रखिए। समय हमेशा एक जैसा नहीं रहता। आज सत्ता के घमंड में गरीबों के आशियाने उजाड़े जा रहे हैं, लेकिन कल जनता इसी घमंड को जड़ से उखाड़ फेंकेगी। किसी गरीब की आह कभी व्यर्थ नहीं जाती।
उन्होंने कहा कि बरसात के बीच तड़के बिजली काटकर बुलडोजर चलाना किसी संवेदनशील सरकार का काम नहीं हो सकता। जिन परिवारों ने जीवनभर की कमाई, जमीन बेचकर और कर्ज लेकर अपने सपनों का घर बनाया था, उन्हें एक झटके में मलबे में बदल दिया गया। मासूम बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों के सिर से छत छीन लेना भाजपा सरकार के तथाकथित “सुशासन” की असली तस्वीर है।
जिला कांग्रेस कमेटी कबीरधाम अध्यक्ष नवीन जायसवाल ने कहा कि पुनर्वास के नाम पर केवल खानापूर्ति की जा रही है। बड़े-बड़े परिवारों को एक कमरे में रहने के लिए मजबूर किया जा रहा है, जहां बिजली, पानी और शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाएं तक उपलब्ध नहीं हैं। इसे पुनर्वास नहीं, बल्कि गरीबों के साथ क्रूर मजाक कहा जाएगा।
नवीन जायसवाल ने कहा कि नकटी आज सिर्फ एक गांव नहीं, बल्कि भाजपा सरकार की गरीब विरोधी नीतियों का प्रतीक बन चुका है। सत्ता के अहंकार में डूबी सरकार यह न भूले कि लोकतंत्र में अंतिम फैसला बुलडोजर नहीं, जनता का वोट करता है। नकटी की चीख, उजड़े हुए परिवारों के आंसू और मासूम बच्चों की सिसकियां इस सरकार का पीछा नहीं छोड़ेंगी। कांग्रेस हर पीड़ित परिवार के साथ सड़क से सदन तक संघर्ष करेगी और इस अन्याय का हर मंच पर विरोध करेगी। प्रशासन पुनर्वास के नाम पर 12 से 14 सदस्यों वाले परिवारों को केवल एक कमरा उपलब्ध करा रहा है, जहां न बिजली की व्यवस्था है, न पानी और न ही शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाएं।
नवीन जायसवाल ने कहा कि दो दिन पहले ही ग्रामीण रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल से मिले थे। सांसद ने स्वयं आश्वासन दिया था कि बरसात के दौरान कोई तोड़फोड़ नहीं होगी और प्रशासन व ग्रामीणों के बीच समाधान निकाला जाएगा। लेकिन आश्वासन के विपरीत गरीबों के घर उजाड़ दिए गए। इससे सरकार की कथनी और करनी का अंतर पूरी तरह सामने आ गया है।
उन्होंने कहा कि क्या यही भाजपा सरकार का सुशासन है? क्या गरीबों के सिर से छत छीनना ही संवेदनशील शासन की पहचान है?
