छग के सोलर पंप और प्लेटें खप रही उड़ीसा में!
–अर्जुन झा-
बकावंड। किसानों को बिजली के खर्च से बचाने शासन द्वारा शुरू की गई सोलर पंप सिंचाई योजना का बस्तर जिले के बकावंड विकासखंड में बंठाधार हो रहा है। किसानों को सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने सरकारी योजनाओं के तहत वितरित किए गए सोलर उपकरणों की अवैध खरीद-फरोख्त का बड़ा मामला उजागर हुआ है। यहां लगाए गए सोलर पंपों, प्लेटों, केबल और अन्य उपकरणों को बिचौलिये किसानों से खरीद कर उड़ीसा में बेच रहे हैं।
बकावंड विकासखंड के कई गांवों के किसानों के खेतों और बाड़ियों में फसलों की सिंचाई के लिए शासन द्वारा सोलर पंप, सोलर प्लेटें, केबल और अन्य उपकरण लगवाए गए हैं। इसके पीछे शासन की मंशा रही है कि कृषि लागत कम हो, किसानों की आमदनी दोगुनी हो और बिजली आपूर्ति बाधित रहने की दशा में भी फसलों को पर्याप्त पानी मिले। शासन की इस मंशा पर पानी फेरते हुए कुछ बिचौलिये सोलर पंपों, प्लेटों, केबल और अन्य संबंधित उकरणों को किसानों से खरीदकर पड़ोसी राज्य उड़ीसा में बेच रहे हैं। पिछले कुछ समय से बकावंड क्षेत्र के विभिन्न गांवों से बड़ी संख्या में सरकारी योजना के तहत मिले सोलर उपकरणों को एकत्रित कर ओडिशा भेजने का सिलसिला जारी है। अब तक सैकड़ों सोलर उपकरण उड़ीसा में खापाए जा चुके हैं। इस गोरखधंधे में दो व्यक्तियों के नाम सामने आए हैं, जिनमें बड़े देवड़ा निवासी शोभा कश्यप तथा भिरेंडा क्षेत्र के कलासुंदर शामिल हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि ये लोग किसानों से सोलर उपकरणों की खरीद-फरोख्त में मध्यस्थ की भूमिका निभाते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि सरकार द्वारा लाखों रुपये खर्च कर किसानों को आत्मनिर्भर बनाने और सिंचाई सुविधाएं बढ़ाने के लिए सोलर पंप उपलब्ध कराए जाते हैं। यदि इन्हें दूसरे राज्यों में बेचा जा रहा है तो यह न केवल सरकारी संपत्ति के दुरुपयोग का मामला है, बल्कि योजनाओं के उद्देश्य को भी विफल करने वाला कृत्य है। मामले को लेकर क्षेत्र में चर्चा का माहौल है और लोग दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
कराएंगे मामले की जांच
सरकारी योजना के तहत किसानों को दिए गए सोलर उपकरणों की अवैध बिक्री या दूसरे राज्य में भेजे जाने की शिकायत गंभीर है। मामले की जांच कराई जाएगी। जांच में जो भी व्यक्ति दोषी पाए जाएंगे, उनके विरुद्ध नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। शासन की योजनाओं का दुरुपयोग किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
-मनीष वर्मा,
एसडीएम, बकावंड
