नेता प्रतिपक्ष डॉ. महंत का बस्तर में धार्मिक पर्यटन
जगदलपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत धार्मिक पर्यटन पर बस्तर संभाग पहुंचे। चरण दास ने बस्तर के प्रमुख देवी देवताओं के चरणों में शीश नवाया और पार्टी नेताओं तथा कार्यकर्ताओं से मुलाकात भी की।
नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरण दास महंत तीन दिवसीय बस्तर प्रवास पर रहे। उनका यह दौरा आस्था, संस्कृति, सामाजिक समरसता एवं कांग्रेस परिवार के साथ आत्मीय संवाद का सशक्त उदाहरण बनकर उभरा।
प्रवास के दौरान डॉ. महंत ने धार्मिक स्थलों में पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों के सुख, शांति एवं समृद्धि की कामना की तथा वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं, कार्यकर्ताओं एवं समाज के विभिन्न वर्गों से आत्मीय मुलाकात कर उनका हालचाल जाना। पहले दिन वे चारामा, कांकेर एवं केशकाल पहुंचे, जहां कांग्रेसजनों ने डॉ. महंत का भव्य स्वागत किया। रात में जगदलपुर पहुंचने पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उनका भव्य अभिनंदन किया। इसके उपरांत उन्होंने छत्तीसगढ़ विधानसभा के उपनेता प्रतिपक्ष लखेश्वर बघेल के शासकीय निवास पहुंचकर उन्हें जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं। सर्किट हाउस में वरिष्ठ कांग्रेस नेता शंकर राव के नेतृत्व में सैकड़ों कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने ढोल, नगाड़ों, पुष्प वर्षा और आतिशबाजी के साथ उनका आत्मीय स्वागत किया। दूसरे दिन डॉ. महंत प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज के साथ दंतेवाड़ा पहुंचे, जहां उन्होंने आराध्य देवी मां दंतेश्वरी के चरणों में शीश नवाकर विशेष पूजा-अर्चना की। इसके बाद वे बीजापुर जिले के भैरमगढ़ पहुंचे। जिले में प्रवेश करते ही विधायक विक्रम शाह मंडावी एवं उनके समर्थकों ने विभिन्न स्थानों पर पारंपरिक एवं भव्य स्वागत किया। विधायक निवास में डॉ. महंत ने मंडावी परिवार से आत्मीय भेंट कर कुशलक्षेम जाना। जगदलपुर लौटने के बाद उन्होंने वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं के निवास पर पहुंचकर उनसे मुलाकात की। वहीं सर्किट हाउस में बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ताओं एवं पदाधिकारियों ने उनसे भेंट कर संगठनात्मक विषयों सहित विभिन्न सामाजिक मुद्दों पर चर्चा की।
पनका समाज ने रखी मांग
अंतिम दिन डॉ. महंत ने बस्तर की ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक पहचान काछन गुड़ी पहुंचकर पूजा-अर्चना की। इस अवसर पर पनका समाज के प्रतिनिधियों ने उनसे भेंट कर समाज से जुड़ी मांगों एवं समस्याओं से अवगत कराया। उन्होंने अनुसूचित जनजाति वर्ग में पनका जाति को शामिल करने की वर्षों पुरानी मांग की ओर ध्यान दिलाया। डॉ. महंत ने उनकी बातों को गंभीरतापूर्वक सुनते हुए हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया। काछन गुड़ी बस्तर की विश्वविख्यात दशहरा परंपरा का प्रारंभिक एवं महत्वपूर्ण धार्मिक केंद्र है। लगभग छह शताब्दियों से चली आ रही काछनगादी परंपरा के अनुसार पनका समाज की एक अविवाहित कन्या देवी स्वरूप बस्तर दशहरे के शुभारंभ की अनुमति प्रदान करती है। इस ऐतिहासिक परंपरा के प्रति श्रद्धा व्यक्त करते हुए डॉ. महंत ने कहा कि बस्तर की सांस्कृतिक विरासत केवल छत्तीसगढ़ ही नहीं, बल्कि पूरे देश की अमूल्य धरोहर है, जिसके संरक्षण और संवर्धन की सामूहिक जिम्मेदारी है।
बघेल के घर पहुंचे डॉ. महंत
बस्तर सीट से विधायक एवं विधानसभा में उपनेता प्रतिपक्ष लखेश्वर बघेल के पैतृक ग्राम गिरोला पहुंचे, जहां उन्होंने माता हिंगलाजिन के दर्शन कर पूजा-अर्चना की।उल्लेखनीय है कि श्री बघेल इस प्राचीन मंदिर के प्रधान पुजारी भी हैं। रायपुर लौटते समय डॉ. महंत ने कोंडागांव में भी पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम सहित कांग्रेस कार्यकर्ताओं से मुलाकात कर उनका उत्साहवर्धन किया। उन्होंने फरसगांव में राज्यसभा सांसद फूलोदेवी नेताम और उनके परिजनों से मुलाकात कर चर्चा की। प्रवास के दौरान डॉ. चरणदास महंत ने राजनीतिक गतिविधियों से स्वयं को दूर रखते हुए सामाजिक, सांस्कृतिक एवं धार्मिक कार्यक्रमों को प्राथमिकता दी। उन्होंने वरिष्ठ कांग्रेसजनों, कार्यकर्ताओं एवं अपने शुभचिंतकों से आत्मीय संवाद स्थापित कर संगठनात्मक एकजुटता और पारिवारिक भावनाओं को और सुदृढ़ किया। उनके सहज, सरल एवं आत्मीय व्यवहार ने बस्तर के कांग्रेस परिवार में नया उत्साह और ऊर्जा का संचार किया।

