हर-हर महादेव के जयघोष से गूंज रहा मददेड़, शिव मंदिर प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव की तैयारियां अंतिम चरण में
बीजापुर। जिले के मददेड़ गांव में नव निर्मित श्री शिव मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा एवं कलश स्थापना महोत्सव को लेकर पूरा क्षेत्र भक्तिमय वातावरण में डूब गया है। गांव की गलियां, चौक-चौराहे और मंदिर परिसर “हर-हर महादेव” तथा “बम-बम भोले” के जयघोष से गूंज रहे हैं। ग्रामवासी और श्री सीताराम शिवालय समिति मददेड़ के नेतृत्व में भव्य आयोजन की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। मंदिर को आकर्षक फूलों, विद्युत सज्जा और धार्मिक ध्वजों से सजाया जा रहा है, जबकि श्रद्धालुओं में इस ऐतिहासिक आयोजन को लेकर भारी उत्साह देखा जा रहा है।

यह सात दिवसीय धार्मिक महोत्सव 5 जुलाई से 11 जुलाई 2026 तक विभिन्न वैदिक अनुष्ठानों के साथ संपन्न होगा। 5 जुलाई, रविवार को वरुण पूजन, गौरी-गणेश पूजन, घट स्थापना, भगवान शिव की नगर भ्रमण शोभायात्रा एवं कलश यात्रा निकाली जाएगी। संध्या काल में जलाधिवास, अन्नाधिवास और भव्य आरती होगी।
6 जुलाई, सोमवार को नित्य पूजा के साथ औषधाधिवास संपन्न होगा, जबकि शाम को फलाधिवास, धूपाधिवास, मिष्ठानाधिवास एवं आरती आयोजित की जाएगी। 7 जुलाई, मंगलवार को वस्त्राधिवास और द्रव्याधिवास के साथ रत्नाधिवास एवं शय्याधिवास की वैदिक विधियां संपन्न होंगी।
महोत्सव का सबसे महत्वपूर्ण दिन 8 जुलाई, बुधवार रहेगा। प्रातः सूर्योदय से पूर्व वैदिक मंत्रोच्चार के बीच भगवान भोलेनाथ की प्राण प्रतिष्ठा संपन्न होगी। इसके बाद महादेव का मंदिर प्रवेश, महाधिवास, रुद्राभिषेक और विशेष महाआरती का आयोजन होगा। इस दिव्य क्षण का साक्षी बनने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है।
9 जुलाई को मंदिर के शिखर एवं ध्वज की स्थापना की जाएगी। 10 जुलाई को महायज्ञ, पूर्णाहुति एवं विशाल महाप्रसाद वितरण होगा, जबकि 11 जुलाई को शिव नामकरण विधि एवं आचार्य प्रस्थान के साथ महोत्सव का समापन होगा।
ग्रामवासी मददेड़ एवं श्री सीताराम शिवालय समिति ने सभी धर्मप्रेमी श्रद्धालुओं से सहपरिवार इस पुण्य अवसर पर उपस्थित होकर भगवान शिव का आशीर्वाद प्राप्त करने और आयोजन की शोभा बढ़ाने का आग्रह किया है।
पूरे मददेड़ में इन दिनों शिव भक्ति की अनूठी छटा देखने को मिल रही है। हर घर पर भगवा ध्वज लहरा रहे हैं, मंदिर परिसर में भक्तों की आवाजाही लगातार बढ़ रही है और गांव का वातावरण पूरी तरह शिवमय हो चुका है। श्रद्धालुओं का कहना है कि यह केवल मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र की आस्था, एकता और सनातन संस्कृति का महापर्व है। हर-हर महादेव और ॐ नमः शिवाय के गगनभेदी जयघोष से पूरा मददेड़ शिवमय होकर भगवान भोलेनाथ के स्वागत के लिए तैयार है।
