डॉक्टर बनने की हसरत टूटी, छात्रा ने कर ली खुदकुशीनीट परीक्षा में तीसरी बार की असफलता से निराश थी बच्ची

जगदलपुर। शहर के आड़ावाल खासपारा निवासी 20 वर्षीय हरिका नायडू ने आंखों में डॉक्टर बनने का सपना संजोया था. एक दिन पहले ही नीट परीक्षा का परिणाम घोषित हुआ. लगातार तीसरी बार सफलता न मिलने से हताश होकर बच्ची ने बीती रात करीब 3:15 बजे फांसी लगाकर आत्महत्या कर लिया.
इकलौती पुत्री की आत्महत्या की घटना से नायडू परिवार पर वज्र टूट पड़ा है. पुलिस के अनुसार हरिका के पिता सत्यनारायण नायडू राइस मिल का संचालन करते हैं. उनकी पुत्री नीट परीक्षा की लगातार तैयारी कर रही थी. पहले दो बार मिली असफलता नायडू बच्ची को लगातार प्रोत्साहित करते रहे. उसे कोचिंग लेने के लिए भी कहा था. बताया गया कि . नीट परीक्षा का परिणाम आने के बाद से ही हरि का काफी उदास थी. बीती रात अपने परिवार के साथ खाना खाने के बाद वह एक बजे तक जाग रही थी। उसके बाद सभी अपने कमरे में सोने के लिए चले गए। रात करीब 3.30 बजे जब युवती की मां उसे देखने के लिए कमरे में गई तो कमरा खुला हुआ था. अंदर देखने पर बेटी ने फाँसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। बेटी को फंदे में लटके देख परिवार के लोगों को जानकारी दी। बेटी को तत्काल अस्पताल ले जाया गया लेकिन तब तक उसकी मौत हो गई थी. शुक्रवार की सुबह पीएम के बाद शव स्वजनों के सुपुर्द किया गया.


बच्चों की काउंसलिंग बेहद जरूरी
क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट डॉक्टर प्रीति चांडक ने बताया अधिकतर युवा विद्यार्थियों द्वारा किए जाने वाले खुदकुशी के मामलों में असफलता से उपजा गहन अवसाद मुख्य करण होता है. इसकी रोकथाम के लिए अभिभावकों को अत्यंत सावधानी बरतनी चाहिए. बच्चो को उचित परामर्श व संबल दिया जाना चाहिए. उन्हें आत्म विश्वास बढ़ाने प्रोत्साहित किया जाना चाहिए. पालक बच्चों से इस प्रकार का दोस्ताना व्यवहार रखें, जिससे वह खुलकर अपनी परेशानी व्यक्त कर सके.

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