शिक्षा के प्रति शिक्षक अहिर का अनूठा समर्पण
जगदलपुर। ग्रामीण अंचलों में शिक्षा की अलख जगाने तथा विद्यार्थियों को विद्यालय से जोड़कर नियमित अध्ययन के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से हायर सेकंडरी स्कूल बड़ेमुरमा के व्याख्याता मनीष कुमार अहिर द्वारा एक प्रेरणादायी पहल करते हुए प्राथमिक विद्यालय बड़ेमुरमा की कक्षा पहली के विद्यार्थियों को कापी, पेन, पेंसिल एवं अन्य आवश्यक अध्ययन सामग्री से युक्त शैक्षणिक किट का वितरण किया गया। अध्ययन सामग्री प्राप्त कर बच्चों के चेहरों पर मुस्कान और आत्मविश्वास साफ दिखाई दे रहा था। कार्यक्रम का उद्देश्य केवल शैक्षणिक सामग्री वितरित करना नहीं, बल्कि बच्चों के मन में शिक्षा के प्रति रुचि, नियमित विद्यालय आने की आदत तथा बेहतर भविष्य के निर्माण का संकल्प विकसित करना था।
व्याख्याता मनीष कुमार अहिर ने बच्चों को संबोधित करते हुए कहा कि प्रारंभिक शिक्षा प्रत्येक बच्चे के जीवन की मजबूत नींव होती है। यदि बच्चों को शुरुआत से ही उचित मार्गदर्शन, प्रोत्साहन और आवश्यक शैक्षणिक संसाधन उपलब्ध कराए जाएं तो वे भविष्य में बेहतर नागरिक बन सकते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से प्रतिदिन विद्यालय आने, शिक्षकों का सम्मान करने, नियमित अध्ययन करने तथा अपने माता-पिता और विद्यालय का नाम रोशन करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों के अनेक विद्यार्थी आर्थिक एवं सामाजिक चुनौतियों के बावजूद शिक्षा प्राप्त करने का प्रयास करते हैं। ऐसे बच्चों को समय-समय पर प्रोत्साहित करना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। इसी उद्देश्य से वे निरंतर शिक्षा प्रेरणा अभियान के अंतर्गत बच्चों को अध्ययन सामग्री, पुरस्कार एवं आवश्यक सहयोग प्रदान करते रहते हैं, ताकि कोई भी बच्चा संसाधनों के अभाव में अपनी पढ़ाई से वंचित न रहे। व्याख्याता मनीष कुमार अहिर द्वारा विद्यालय में समय-समय पर मेधावी, नियमित उपस्थिति वाले, अनुशासित तथा विभिन्न शैक्षणिक, विज्ञान, पर्यावरण एवं सह पाठ्यक्रम गतिविधियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को भी पुरस्कार देकर सम्मानित किया जाता है। इससे बच्चों में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना विकसित होती है तथा वे अधिक उत्साह और लगन के साथ अध्ययन एवं विद्यालयीन गतिविधियों में भाग लेते हैं। प्राचार्य शजीवन दास ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में इस प्रकार के प्रयास बच्चों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि जब शिक्षक अपने दायित्वों से आगे बढ़कर विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा और सहयोग का माध्यम बनते हैं, तब विद्यालय का वातावरण और अधिक सकारात्मक एवं शिक्षण-अनुकूल बनता है। इस अवसर पर कांता प्रसाद वैद्य, पुनीत राम फरदिया, सुधीर ध्रुव सहित विद्यालय के समस्त शिक्षक एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे। ग्रामीण बच्चों को शिक्षा से जोड़ने, उन्हें संसाधनों के साथ प्रेरणा प्रदान करने तथा समय-समय पर पुरस्कार एवं सहयोग के माध्यम से आगे बढ़ाने की यह पहल निश्चित रूप से समाज में शिक्षा के प्रति सकारात्मक वातावरण निर्मित करने वाली एक प्रेरणादायी पहल है।
