ये भी बन सकते हैं आत्मनिर्भर
जगदलपुर। शहर की चर्चित चाय दुकान में आज टी क्लब के साथियों के बीच एक सामान्य किंतु ऐसे विषय पर चर्चा हुई कि एक मानसिक रोगी जिसे हम पागल कहते हैं, वे वास्तव में पागल नहीं हैं। अवसर मिले तो वे भी आत्मनिर्भर बन सकते हैं।
मानसिक रूप से कमजोर लोग यहां वहां घूम कर भीख मांगते हैं। ऐसे ही एक शख्स को सुनील चाय वाले ने काम पर लगा रखा है। सुनील उसके भरण पोषण का पूरा ध्यान रखते हैं। ऐसे लोगों से साफ सफाई करवा कर निगम के सफाई कार्य में सहयोग भी करते हैं। मनोविज्ञानी और काउंसलर श्रीनिवास रथ एवं विहिप के अनिल अग्रवाल कहते हैं कि ऐसे लोगों को भटकाव से बचा कर काम पर लगाना एक समाजसेवा ही नहीं ऐसे लोगों से उनकी रुचि का कार्य करवा लेना भी एक अच्छी परंपरा है। ये लोग जो गंदगी में रहकर भीख मांगने मजबूर होते है उन्हें साहू चाय दुकान के संचालक सुनील साहू ने म्मान पूर्वक कार्य देकर उनको सम्मानित करने और उन्हें भरपेट भोजन देने का जज्बा दिखाया है।
