मधोता लाइन में बार-बार फाल्ट से ग्रामीण परेशान, मेंटेनेंस पर उठे सवाल

बस्तर। मधोता, खैरगुड़ा एवं कुंडगुड़ा क्षेत्र में रात से बिजली आपूर्ति बाधित होने के कारण ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में बिजली गुल होना कोई नई समस्या नहीं है। बारिश या तेज हवा चलने के बाद मधोता लाइन में बार-बार फाल्ट आने से विद्युत आपूर्ति बाधित हो जाती है। हर बार विभाग की ओर से फाल्ट की जानकारी देकर लाइन सुधारने की बात कही जाती है, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान आज तक नहीं हो पाया है।

ग्रामीणों का कहना है कि बिजली विभाग द्वारा गर्मी के मौसम में सभी फीडरों में मेंटेनेंस के नाम पर कार्य कराया जाता है। इसके बावजूद बारिश शुरू होते ही मधोता लाइन में बार-बार फाल्ट की समस्या सामने आ जाती है। ऐसे में ग्रामीणों का सवाल है कि यदि नियमित रूप से मेंटेनेंस किया जाता है तो बारिश और सामान्य हवा में ही लाइन बार-बार फाल्ट क्यों हो जाती है? क्या लाइन, पोल, तार, इंसुलेटर अथवा अन्य विद्युत उपकरणों में कोई तकनीकी कमी है, जिसकी स्थायी रूप से जांच नहीं की जा रही है?

ग्रामीणों का कहना है कि केवल फाल्ट आने के बाद उसे ढूंढकर बिजली बहाल करना समस्या का स्थायी समाधान नहीं है। यदि एक ही लाइन में बार-बार विद्युत आपूर्ति बाधित हो रही है तो विभाग को इसके मूल कारण का पता लगाकर आवश्यक सुधार कार्य करना चाहिए। बार-बार बिजली बंद होने से बच्चों की पढ़ाई, मोबाइल चार्जिंग, पेयजल व्यवस्था सहित ग्रामीणों के दैनिक कार्य प्रभावित होते हैं।

33 केवी सीवनी फीडर बंद, फाल्ट की तलाश जारी

इस संबंध में भानपुरी जेई विवेक ठाकुर ने बताया कि विद्युत विभाग की टीम लाइन की जांच कर रही है। फिलहाल 33 केवी सीवनी फीडर बंद है और फाल्ट ढूंढा जा रहा है। उन्होंने कहा कि फाल्ट का पता लगाकर जल्द ही विद्युत आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी।

अलग-अलग फाल्ट आते हैं” — जेई

मधोता लाइन में हमेशा फाल्ट आने और इसके स्थायी समाधान को लेकर पूछे गए सवाल पर जेई विवेक ठाकुर ने कहा कि “अलग-अलग फाल्ट आते हैं।” विभाग की टीम लगातार लाइन की जांच कर रही है और फाल्ट मिलने के बाद सुधार कार्य किया जाएगा।

ग्रामीणों का सवाल—आखिर स्थायी समाधान कब?

ग्रामीणों का कहना है कि विभाग द्वारा हर बार अलग-अलग फाल्ट बताकर बिजली बहाल कर दी जाती है, लेकिन अगली बारिश या हवा के साथ वही समस्या फिर खड़ी हो जाती है। ऐसे में ग्रामीणों की मांग है कि मधोता लाइन का विशेष तकनीकी निरीक्षण कराया जाए और बार-बार फाल्ट आने के वास्तविक कारणों की पहचान की जाए।

ग्रामीणों ने विद्युत विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से मांग की है कि गर्मी में किए गए मेंटेनेंस कार्य की स्थिति की भी समीक्षा की जाए तथा जरूरत के अनुसार पुराने तार, इंसुलेटर, पोल एवं अन्य उपकरणों को दुरुस्त या बदला जाए। ग्रामीणों का कहना है कि उन्हें हर बार बिजली गुल होने के बाद फाल्ट ढूंढने की प्रक्रिया का इंतजार नहीं करना पड़े, बल्कि बार-बार होने वाली विद्युत समस्या का स्थायी समाधान किया जाए।

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