बच्चों को साइबर ठगी और नशे से दूर रहने के लिए किया जागरूक

करपावंड/बस्तर। साइबर अपराधों में लगातार हो रही बढ़ोतरी को देखते हुए पुलिस द्वारा स्कूली छात्र-छात्राओं को साइबर ठगी से बचाव, सुरक्षित इंटरनेट उपयोग, नशे के दुष्प्रभाव और यातायात नियमों के प्रति जागरूक करने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में पुलिस अधीक्षक शलभ सिन्हा के निर्देशन तथा एसडीओपी प्रवीण भारती के मार्गदर्शन एवं थाना प्रभारी करपावंड दिलबाग सिंह के नेतृत्व में थाना करपावंड की पुलिस टीम ने शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला मंगनार पहुंचकर छात्र-छात्राओं के बीच जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया।

कार्यक्रम के दौरान थाना करपावंड के सहायक उप निरीक्षक टिंगाली कश्यप ने विद्यार्थियों से संवाद करते हुए साइबर अपराधों के विभिन्न तरीकों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आजकल साइबर ठग मोबाइल फोन और इंटरनेट के माध्यम से लोगों को अलग-अलग तरीकों से अपने जाल में फंसाने का प्रयास करते हैं। कभी बैंक अधिकारी बनकर, कभी इनाम या लॉटरी लगने का झांसा देकर तो कभी किसी परिचित के नाम से फोन या संदेश भेजकर लोगों से गोपनीय जानकारी हासिल की जाती है।

उन्होंने विद्यार्थियों को समझाया कि किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ बैंक खाता, एटीएम कार्ड, ओटीपी, यूपीआई पिन, पासवर्ड, आधार संबंधी जानकारी या अन्य निजी जानकारी साझा नहीं करनी चाहिए। मोबाइल पर आने वाले अनजान लिंक को बिना जांचे खोलने से भी बचना चाहिए। किसी व्यक्ति द्वारा फोन पर डराने, लालच देने या तत्काल पैसे भेजने के लिए दबाव बनाने पर घबराने के बजाय इसकी जानकारी परिवार के सदस्यों अथवा पुलिस को देने की सलाह दी गई।

पुलिस अधिकारी ने विद्यार्थियों को सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग के संबंध में भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर अपनी निजी तस्वीरें, मोबाइल नंबर, पता, स्कूल की जानकारी तथा अन्य व्यक्तिगत विवरण सार्वजनिक करने से बचना चाहिए। अनजान लोगों की फ्रेंड रिक्वेस्ट स्वीकार करने और उनसे निजी बातचीत करने में भी सावधानी बरतनी चाहिए। विद्यार्थियों को मजबूत पासवर्ड रखने और अपने सोशल मीडिया अकाउंट की सुरक्षा के लिए आवश्यक सावधानियां बरतने की समझाइश दी गई।

नशे से दूर रहने का दिया संदेश

जागरूकता कार्यक्रम में विद्यार्थियों को नशे के दुष्प्रभावों के बारे में भी विस्तार से बताया गया। सहायक उप निरीक्षक टिंगाली कश्यप ने कहा कि नशा व्यक्ति के स्वास्थ्य, शिक्षा, परिवार और भविष्य को प्रभावित करता है। उन्होंने विद्यार्थियों से नशे से पूरी तरह दूर रहने और अपने आसपास के लोगों को भी नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करने की अपील की।

उन्होंने कहा कि विद्यार्थी अपना समय पढ़ाई, खेलकूद, रचनात्मक गतिविधियों और अपने रुचि के सकारात्मक कार्यों में लगाएं। गलत संगत और नशे की शुरुआत अक्सर छोटी आदतों से होती है, इसलिए शुरुआत से ही इससे दूरी बनाकर रखना जरूरी है। पुलिस ने विद्यार्थियों को यह भी समझाया कि किसी भी प्रकार के नशीले पदार्थ का सेवन या उसके लिए दूसरों को प्रेरित करना उनके जीवन पर गंभीर असर डाल सकता है।

यातायात नियमों का पालन करने की समझाइश

कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को यातायात नियमों की जानकारी देते हुए सड़क सुरक्षा के प्रति भी जागरूक किया गया। पुलिस ने दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट पहनने, निर्धारित गति सीमा में वाहन चलाने, वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का उपयोग नहीं करने, तीन सवारी नहीं बैठाने तथा सड़क पार करते समय विशेष सावधानी बरतने की समझाइश दी।

विद्यार्थियों से कहा गया कि वे स्वयं यातायात नियमों का पालन करें और अपने माता-पिता तथा परिवार के सदस्यों को भी नियमों का पालन करने के लिए प्रेरित करें। सड़क पर थोड़ी सी लापरवाही भी गंभीर दुर्घटना का कारण बन सकती है। इसलिए वाहन चलाते समय जल्दबाजी और लापरवाही से बचना आवश्यक है।

पुलिस ने विद्यार्थियों के सवालों का किया समाधान

कार्यक्रम के दौरान छात्र-छात्राओं ने साइबर अपराध, सोशल मीडिया, ऑनलाइन ठगी, नशे और यातायात नियमों से संबंधित विभिन्न सवाल पूछे। पुलिस अधिकारियों ने विद्यार्थियों के सवालों का सरल भाषा में जवाब देते हुए उन्हें व्यवहारिक सावधानियों की जानकारी दी।

पुलिस ने विद्यार्थियों से कहा कि किसी भी प्रकार की साइबर ठगी या संदिग्ध ऑनलाइन गतिविधि का सामना होने पर उसे छिपाने के बजाय तत्काल अपने अभिभावकों, शिक्षकों या पुलिस को इसकी जानकारी दें। समय पर सूचना मिलने से ठगी की घटना में कार्रवाई करने और नुकसान को कम करने में मदद मिल सकती है।

इस दौरान सहायक उप निरीक्षक टिंगाली कश्यप ने विद्यार्थियों से अपील की कि वे स्वयं जागरूक बनें और अपने परिवार तथा आसपास के लोगों को भी साइबर अपराध, नशे और सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक करें। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को सुरक्षित डिजिटल व्यवहार अपनाने के साथ-साथ नशामुक्त एवं सुरक्षित समाज के निर्माण में उनकी भूमिका के प्रति जागरूक करना रहा।

थाना करपावंड पुलिस द्वारा चलाए जा रहे इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रम से स्कूली विद्यार्थियों को साइबर अपराधों से बचाव, नशे के दुष्प्रभाव और यातायात सुरक्षा के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी मिली।

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