इंद्रावती नदी से पवित्र जल लेकर प्राचीन शिव मंदिर पहुंचे सैकड़ों कांवड़िये



जगदलपुर सनातन परंपरा और भगवान शिव के प्रति आस्था को समर्पित पंचम वर्ष कांवड़ यात्रा का आयोजन श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ किया गया। कांवड़ियों ने बस्तर की जीवनदायिनी इंद्रावती नदी के भोंड एनीकट स्थित पूंजीगुड़ा घाट से पवित्र जल भरा और लगभग पांच किलोमीटर की कांवड़ यात्रा पूरी की और बस्तर स्थित प्राचीन शिव मंदिर पहुंचकर भगवान शिव का जलाभिषेक किया। यात्रा में आठ गांवों के लगभग 1200 कांवड़ियों ने सहभागिता की।
यात्रा के दौरान ग्राम पंचायत भोंड के ग्रामवासियों ने कांवड़ियों के पैर धो कर उनका तिलक वंदन किया।पेयजल और फलों का वितरण कर श्रद्धालुओं का स्वागत किया गया।
यात्रा मार्ग पर जगह जगह शिवभक्तों एवं ग्रामीणों द्वारा कांवड़ियों पर पुष्पवर्षा कर उनका उत्साहवर्धन किया गया। विभिन्न स्थानों पर पेयजल,फल एवं अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था भी की गई। बस्तर क्षेत्र प्राचीन काल से ही शिव उपासना और सनातन परंपराओं का महत्वपूर्ण केंद्र रहा है। क्षेत्र में अनेक प्राचीन मंदिरों, शिवलिंगों और शिलालेखों के माध्यम से इसकी ऐतिहासिक एवं धार्मिक परंपरा के प्रमाण मिलते हैं। बस्तर स्थित प्राचीन शिव मंदिर 10वीं शताब्दी के कालखंड से जुड़ा हुआ है तथा इसका संबंध तत्कालीन छिंदक नागवंशी शासकों के काल से माना जाता है। मंदिर क्षेत्र में निर्मित भानसागर जलाशय और प्राचीन शिवालय बस्तर की ऐतिहासिक एवं धार्मिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। इस मंदिर की द्वार शाखा सातवी आठवीं सदी की है। मान्यता है कि यहां पहुंचने वाले निःसंतान श्रद्धालुओं की मनोकामना भगवान भोलेनाथ पूरी करते हैं। श्रद्धालुओं द्वारा मंदिर में त्रिशूल एवं धातु निर्मित नाग भी अर्पित किए जाते हैं। मंदिर की धार्मिक परंपरा केवल महाशिवरात्रि तक सीमित नहीं है, बल्कि माघ माह में यहां ‘गंगादई’ मेले का आयोजन भी किया जाता है। मंदिर से जुड़ी धार्मिक मान्यताओं और ऐतिहासिक परंपराओं के कारण यह क्षेत्र लंबे समय से श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र बना हुआ है।विहिप के विभाग संयोजक सिकंदर कश्यप ने कहा कि कांवड़ यात्रा केवल भगवान शिव के जलाभिषेक की धार्मिक परंपरा नहीं है, बल्कि सनातन संस्कृति, धार्मिक परंपराओं और अपनी प्राचीन विरासत से नई पीढ़ी को जोड़ने का माध्यम भी है। उन्होंने कहा कि पवित्र नदी से जल लेकर प्राचीन शिव मंदिर तक कांवड़ यात्रा कर भगवान शिव का जलाभिषेक करने की यह परंपरा श्रद्धालुओं में भक्ति और सनातन संस्कृति के प्रति जागरूकता का भाव उत्पन्न करती है। इसी उद्देश्य को आगे बढ़ाते हुए इस वर्ष भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने यात्रा में सहभागिता की। प्रखंड अध्यक्ष विवेक शुक्ला ने कहा कि ग्रामवासियों, शिवभक्तों और समाजसेवियों ने यात्रा मार्ग पर जगह जगह कांवड़ियों का स्वागत किया तथा पेयजल,फल एवं अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराईं। उन्होंने कहा कि कांवड़ यात्रा को सफल बनाने में स्थानीय ग्रामीणों, समाजसेवियों और कार्यकर्ताओं का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
यात्रा के दौरान विहिप जिला समरसता प्रमुख होमेश राठौर, प्रखंड मंत्री शंकर नाग, सह संयोजक चुम्मन कश्यप, जिला दुर्गावाहिनी आस्था गुप्ता, नगर उपाध्यक्ष मानसिंह कोर्राम, मंत्री शिवा नाग,सत्संग प्रमुख कार्तिक नाग, संयोजक नेहरू कश्यप, प्रचार प्रसार प्रमुख शिवांग बघेल, सह संयोजक आकाश नाग, दसी पटेल, सुलधर मौर्य, शंकर, गंजू बघेल सहित बड़ी संख्या में बजरंगी कार्यकर्ता एवं शिवभक्त उपस्थित रहे।

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