श्रद्धा-भक्ति में डूबे बस्तर के अफसर, कलेक्टर छिकारा ने जूनियर छिकारा के साथ किए फूल परिक्रमा के दीदार



–अर्जुन झा-
जगदलपुर। नक्सल मुक्त हो चुके आस्था और धर्म प्रभावना की दिलकश बयार देखने को मिल रही। जिले के टॉप ऑफिसर्स भी आस्था और श्रद्धा भक्ति के रंग में रंगे नजर आ रहे हैं। जगदलपुर स्थित माई दंतेश्वरी की पूजा करने बच्चे व पत्नी संग पहुंचे पुलिस अधीक्षक शलभ सिन्हा की भक्ति भावना हम पहले ही देख चुके हैं। अब बस्तर दशहरा की फूल परिक्रमा के अवसर पर बस्तर कलेक्टर आकाश छिकारा भी अपने बेटे जूनियर छिकारा के साथ कार्यक्रम में शामिल हुए।
बस्तर कलेक्टर आकाश छिकारा जूनियर छिकारा को गोद में लेकर पहुंचे थे। उन्होंने श्रद्धालुओं की भीड़ के बीच खड़े होकर पूजा अर्चना की और फूल रथ के दर्शन किए। जूनियर छिकारा कौतूहल भरी नजरों से रंग बिरंगी सजावट का दीदार करते नजर आए, जबकि डीएम आकाश छिकारा मुस्कुराते हुए खड़े नजर आए। उनके साथ जिला पंचायत सीईओ तन्मय खन्ना और कई अन्य अधिकारी भी पहुंचे थे, मगर कहीं भी वीआईपी कल्चर जैसा दृश्य देखने को नहीं मिला। श्री छिकारा व अन्य अधिकारी बस्तरिहा पागा पहने आम आदिवासियों के बीच खड़े रहे। न पद का घमंड और न रुतबे का रौब। कई श्रद्धालुओं ने कलेक्टर श्री छिकारा के साथ तस्वीरें भी खिंचवाई।हजारों लोगों की भीड़ में माई दंतेश्वरी के जयकारे के बीच कलेक्टर बस्तर आकाश छिकारा आम लोगों की तरह उपस्थित होकर कार्यक्रम देखते रहे।उल्लेखनीय है कि बस्तर के नक्सलमुक्त होने के बाद इस बार कई राज्यों से पुजारी, भक्त और पर्यटक काफी संख्या में जगदलपुर पहुंच कर इस विश्व प्रसिद्ध दशहरे का अवलोकन कर रहे हैं। बस्तर कलेक्टर आकाश छिकारा ने अपने प्रशासनिक अधिकारियों की टीम के साथ मिलकर इस बस्तर दशहरा को सफल बनाने का पूरा प्रयास किया है। आज नवमी के दिन कलेक्टर आकाश छिकारा ने सपत्नीक दंतेश्वरी मंदिर पहुंच कर हवन में सहभागिता दर्ज कराई।मंदिर परिसर में उपस्थित लोगों ने कलेक्टर की आम आदमी की तरह उपस्थिति को काफी सराहा। लोगों की प्रतिक्रिया थी कि जिले के बड़े अधिकारी किसी न किसी बहाने अगर जनता से मेल जोल रखेंगे तो क्षेत्र में प्रशासनिक कसावट तो आएगी ही, लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ भी अच्छे से मिलेगा।



पदयात्रियों की सेवा में जुटे पुलिसकर्मी
सुशासन सरकार में इस बार प्रशासनिक व्यवस्था भी पूरी तरह मुस्तैद होकर काम कर रही है। माई दंतेश्वरी के दर्शन करने दंतेवाड़ा जाने वाले पदयात्रियों के लिए परपा थाना पुलिस ने केसलूर पुलिस चौकी के समीप शुद्ध जल और नीबू शरबत पिलाने की व्यवस्था की है। सूर्योदय से लेकर शाम ढलने तक जब पदयात्री थके हुए अपनी यात्रा करते रहते हैं, तब इस चौक पर उन्हें परपा पुलिस के जवान आदरपूर्वक शुद्ध जल और नींबू शरबत पिलाकर तरोताजा कर देते हैं। नीबू शरबत और शीतल जल पदयात्रियों को नई ताजगी से भर देता है। वैसे हर वर्ष पुलिस विभाग इस प्रकार की व्यवस्था करता है, किंतु पुलिस अधीक्षक शलभ सिन्हा के विशेष निर्देश पर उप पुलिस अधीक्षक श्री राठौर ने परपा पुलिस को इसकी जिम्मेदारी दी है।

यहां पुलिस वालियों का गरबा
नक्सलमुक्त बस्तर संभाग में सबसे शानदार पहल सुकमा में देखने को मिली, जहां पुलिस की महिला कमांडोज, महिला पुलिस अधिकारी व जवान तथा पुलिसकर्मियों की बहन बेटियों के लिए खास डांडिया गरबा का आयोजन किया गया था।एके-47 के जरिए नक्सलियों का मुकाबला करती आईं पुलिस की दुर्गा वाहिनी की लेडी कमांडोज हाथों में डांडिया की छड़ियां लेकर गरबे की मस्ती में झुमती नजर आईं। इस बेहद खास आयोजन में सुकमा एसपी मयंक गुर्जर ने शहीद पुलिस जवानों के परिवारों की बहन बेटियों को विशेष तौर पर आमंत्रित किया था। वे भी अपनों को खोने का गम कुछ पलों के लिए ही सही भुलाकर गरबा करती नजर आईं। यहां पूरा वातावरण आत्मीयता से भरा नजर आया। यहां आईएएस, आईपीएस अधिकारी भी मातहत कर्मियों के साथ गरबा डांडिया खेलते नजर आए। अति नक्सल प्रभावित एवं संवेदनशील क्षेत्र रहे सुकमा में कानून-व्यवस्था व आंतरिक सुरक्षा के मोर्चे पर सदैव मुस्तैद रहने वाली पुलिस टीम के मनोबल और पारिवारिक सौहार्द को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एसपी मयंक गुर्जर ने यह भव्य और प्रेरणादायक आयोजन 17 अक्टूबर को सुकमा पुलिस लाइन में किया था। पूरे बस्तर संभाग में पुलिस परिवारों और शहीद जवानों के परिवारों के लिए भव्य गरबा-डांडिया महोत्सव का आयोजन पहली बार देखने सुनने को मिला।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *