राज्योत्सव के जश्न के बीच अंधेरे में डूबा है सिटी ग्राउंड
जगदलपुर। छत्तीसगढ़ राज्योत्सव के आयोजन के बीच जगदलपुर के सिटी ग्राउंड की व्यवस्थाओं को लेकर सवाल खड़े होने लगे हैं। राज्योत्सव जैसे महत्वपूर्ण आयोजन के दौरान सिटी ग्राउंड परिसर में स्थापित हाईमास्ट लाइटें बंद नजर आ रही हैं। रात के समय आयोजन स्थल की तस्वीरें सामने आने के बाद विद्युत व्यवस्था और संबंधित विभाग की तैयारियों पर सवाल उठने लगे हैं।
एक ओर राज्योत्सव के माध्यम से प्रदेश की विकास यात्रा, उपलब्धियों और सांस्कृतिक विरासत को प्रदर्शित किया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर शहर के प्रमुख आयोजन स्थल पर पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था का अभाव सिस्टम लापरवाही की ओर संकेत कर रहा है। सिटी ग्राउंड में कई स्थानों पर हाईमास्ट लाइटों के खंभे स्थापित हैं, लेकिन तस्वीरों में इनके प्रकाश की व्यवस्था बंद दिखाई दे रही है। ऐसे में सवाल उठता है कि राज्योत्सव की तैयारियों के दौरान संबंधित अधिकारियों ने विद्युत व्यवस्था का निरीक्षण किया था या नहीं? यदि लाइटें खराब थीं तो आयोजन से पहले उनकी मरम्मत क्यों नहीं कराई गई?
सुरक्षा और सुविधा का सवाल
बड़े आयोजनों में प्रकाश व्यवस्था केवल सुंदरता या सजावट का विषय नहीं, बल्कि आम नागरिकों की सुरक्षा और सुविधा से भी जुड़ी होती है। रात के समय पर्याप्त रोशनी नहीं होने से आवागमन, पार्किंग और परिसर में आवाजाही करने वाले लोगों को परेशानी हो सकती है। ऐसे में आयोजन स्थल की सभी आवश्यक व्यवस्थाओं को दुरुस्त रखना प्रशासन की प्राथमिकता होनी चाहिए।सिटी ग्राउंड में स्थापित हाईमास्ट लाइटों के संचालन और रखरखाव की जिम्मेदारी किस विभाग या एजेंसी के पास है? क्या आयोजन से पहले सभी लाइटों की तकनीकी जांच कराई गई थी? यदि लाइटें खराब हैं तो उन्हें सुधारने के लिए क्या कदम उठाए गए हैं? इन सवालों पर संबंधित विभाग की ओर से स्थिति स्पष्ट किया जाना आवश्यक है। राज्योत्सव जैसे महत्वपूर्ण आयोजन में छोटी-बड़ी सभी व्यवस्थाओं पर प्रशासन की निगरानी जरूरी है। आयोजन की भव्यता के साथ बुनियादी सुविधाओं की गुणवत्ता भी सुनिश्चित होनी चाहिए, ताकि शहरवासियों और बाहर से आने वाले अतिथियों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।अब देखना होगा कि तस्वीरों के माध्यम से सामने आई इस समस्या पर संबंधित विभाग कब संज्ञान लेता है और सिटी ग्राउंड की बंद पड़ी हाईमास्ट लाइटों को कब तक दुरुस्त कराता है?
