पचड़े में पड़ सकती है बस्तर नगर की जल प्रदाय योजना!
-अर्जुन झा-
जगदलपुर। बस्तर नगर की नई जल प्रदाय योजना पचड़े में पड़ती नजर आ रही है। मारकंडी नदी के आसपास के गांवों के ग्रामीण चाहते हैं कि बस्तर जल प्रदाय योजना का अमृत उन्हें भी मिले। उधर क्षेत्रीय विधायक लखेश्वर बघेल इस बात से नाराज हैं कि उनके ही निर्वाचन क्षेत्र की इस महति योजना को लेकर उनके (विधायक) द्वारा दिए गए सुझाव को दरकिनार कर दिया गया है। श्री बघेल चाहते हैं कि बस्तर में इंद्रावती का पानी लाया जाए।
अमृत मिशन के तहत नगर पंचायत बस्तर के लिए चपका के नजदीक ग्राम पंचायत खोरखोसा के सुकुलगुडा गांव से मारकंडी नदी का पानी लेने की बस्तर जल प्रदाय योजना विवादों में घिरती नजर आ रही है। पीएचई विभाग ने मारकंडी नदी का रॉ वॉटर बस्तर नगर तक ले जाने और वहां फिल्टर प्लांट लगाकर नगरीय क्षेत्र में साफ पानी सप्लाई करने का प्रोजेक्ट तैयार किया है। वहीं नदी के पास के गांवों के ग्रामीण चाहते हैं कि चपका-खोरखोसा के पास इंटेक वेल बनाकर पानी लेने के साथ ही फिल्टर प्लांट भी यहीं बनाया जाए और पानी यहीं साफ करके रॉ वाटर के स्वरूप की बजाय शुद्ध किया हुआ पानी बस्तर भेजा जाए। खोरखोसा में फिल्टर प्लांट बनने पर आसपास की जल संकटग्रस्त ग्राम पंचायतों खोरखोसा, मावलीगुड़ा, इच्छापुर, दुबे उमरगांव, रेटावंड के दर्जन भर से ज्यादा बसाहटों को भी इसी फिल्टर प्लांट से साफ पानी मिल सकेगा और बस्तर नगर पंचायत के लोगों की भी प्यास बुझ सकेगी। वहीं बस्तर में फिल्टर प्लांट लगाने पर इन गांवों तक अलग से पाइप लाइन बिछाकर शुद्ध पानी वापस लेकर आना अव्यवहारिक होगा और लागत भी बढ़ेगी।उल्लेखनीय है कि राज्य शासन ने बस्तर जिले की नगर पंचायत बस्तर में शुद्ध और सुरक्षित पेयजल के लिए नई जलप्रदाय योजना को मंजूरी दी है। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के राज्य शहरी विकास अभिकरण ने अमृत मिशन 2.0 के अंतर्गत बस्तर की नई जलप्रदाय योजना के लिए 57 करोड़ 71 लाख रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की है। इस महत्वाकांक्षी योजना के पूरा होने के बाद बस्तर शहर में प्रति व्यक्ति प्रतिदिन पेयजल की उपलब्धता मौजूदा 65 लीटर से बढ़कर 135 लीटर हो जाएगी। यानि हर व्यक्ति को रोजाना 70 लीटर अतिरिक्त शुद्ध पेयजल मिल सकेगा।योजना के तहत बस्तर शहर में करीब 73 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन बिछाई जाएगी और 2700 से अधिक घरेलू नल कनेक्शन प्रदान किए जाएंगे। इससे शहर में पेयजल वितरण व्यवस्था मजबूत होने के साथ ही
चपका एनीकट में बनेगा इनटेक वेल
बस्तर जलप्रदाय योजना के लिए मारकंडी नदी के चपका एनीकट में इंटेकवेल का निर्माण किया जाएगा। वहां से रॉ-वॉटर पाइप लाइन के जरिए नदी का पानी जल शोधन संयंत्र तक पहुंचाया जाएगा। 3 एमएलडी क्षमता वाले
संयंत्र में पानी के शुद्धिकरण के बाद इसे बस्तर शहर में पेयजल आपूर्ति के लिए उपलब्ध कराया जाएगा। वर्तमान में वहां प्रत्येक व्यक्ति को औसतन 65 लीटर प्रतिदिन पेयजल उपलब्ध हो रहा है। नई योजना के पूर्ण होने पर यह मात्रा बढ़कर 135 लीटर प्रतिदिन हो जाएगी। इससे घरेलू जरूरतों के लिए पानी की उपलब्धता बढ़ेगी और नागरिकों को पर्याप्त शुद्ध पेयजल मिलेगा। योजना का काम जून 2028 तक पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया
इसके साथ ही 500 किलोलीटर क्षमता का एक उच्च स्तरीय जलागार भी बनाया जाएगा। शहर में पेयजल वितरण के लिए 73 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन बिछाई जाएगी।
इंद्रावती से लिफ्ट किया जाए पानी
प्रस्तावित प्रोजेक्ट से मैं पूरी तरह असहमत हूं।मैं बस्तर नगर के लिए पानी इंद्रावती से लेने की सलाह वे पहले ही दे चुका हूं। मारकंडी नदी में पानी कम रहता है। अगर योजना फाइनल भी हुई है, तो फिल्टर प्लांट बस्तर की बजाय चपका-खोरखोसा में बनना चाहिए, ताकि इन गांवों को पेयजल सप्लाई में प्राथमिकता मिल सके। इस संबंध में क्षेत्र के ग्रामीणों से जल्द ही चर्चा करूंगा।
–लखेश्वर बघेल,
विधायक बस्तर एवं उप नेता प्रतिपक्ष, छग विधानसभा
