आजादी के बाद पहली बार रोशन हुआ एलमागुंडा



पुलिस, सीआरपीएफ व जिला प्रशासन के प्रयास से गांव में पहुंची बिजली

जगदलपुर :- आजादी के 76 साल बाद बस्तर संभाग में स्थित सुकमा जिले के नक्सल प्रभावित एलमागुंडा गांव में बिजली पहुंची। अंधेरे की गुलामी से आजादी मिलने के बाद ग्रामीणों में खुशी की लहर छा गई है। पुलिस, सीआरपीएफ व जिला प्रशासन की मदद से यह संभव हो पाया है।
सुकमा जिले के अति संवेदनशील नक्सल प्रभावित क्षेत्र ग्राम एल्मागुंडा में जिला पुलिस बल, सीआरपीएफ और जिला प्रशासन के संयुक्त प्रयासों के परिणाम स्वरुप आजादी की पूर्व संध्या रविवार की शाम गांव में विद्युतीकरण कार्य पूर्ण हुआ। उल्लेखनीय है कि ग्राम एल्मागुंडा में नक्सलियों के हिंसात्मक कृत्यों के कारण बिजली की सुविधा आज नहीं पहुंच पा रही थी। ग्रामीण अंधकार में जीवन जीने को मजबूर थे। जिला पुलिस द्वारा समय- समय पर एल्मागुंडा सहित आसपास के ग्रामीणों की लगातार बैठकें लेकर ग्रामीणों को नक्सली कृत्यों से अवगत कराया जाता रहा। पुलिस के गांवों विकास में सहभागी बनने तथा ग्रामीणों को नक्सलवाद से दूर रहने, गांव के विकासमूलक कार्यो में सहयोग करने हेतु प्रेरित किए जाने से काफी बदलाव आया है। पुलिस, सीआरपीएफ एवं प्रशासन के प्रयासों से सोमवार 14 अगस्त को एल्मागुंडा के ग्रामीणों का घरों में भी विद्युतीकरण का कार्य पूर्ण कर लिया गया। अब पूरा गांव जगमगा उठा है। ग्रामीणों के चेहरे वर्षो बाद घरो में बिजली की रोशनी की जगमगाहट से चमक उठे हैं। ग्रामीण शासन- प्रशासन की प्रशंसा कर रहे हैं एवं भविष्य में नक्सलवाद से दूर रहने कृतसंकल्पित हैं। उल्लेखनीय है कि ग्राम तोंडामरका में छः माह पहले ही सुरक्षा बलों का कैंप स्थापित किया गया है। कैंप स्थापित होने के बाद एल्मागुंडा के विकास कार्यो में तेजी आई है। भविष्य में भी ग्रामीणों तक अन्य सुविधाएं पहुंचाई जाएंगी।

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