नक्सलमुक्त बस्तर में भ्रष्टाचार का खेल शुरू!
–अर्जुन झा-
जगदलपुर। नक्सलमुक्त बस्तर संभाग के अंदरूनी क्षेत्रों में अब ठेकेदार और इंजीनियर सरकारी निर्माण कार्यों में गंभीर गड़बड़ियां करने लगे हैं। स्वार्थ के वशीभूत होकर ठेकेदार और इंजीनियर बच्चों की जान से खिलवाड़ करने पर भी आमादा हो गए हैं। ऐसे में भला नक्सलमुक्त बस्तर की तस्वीर कैसे बदल पाएगी? ऎसी ही धांधली का मामला बीजापुर जिले से सामने आया है, जहां निर्माण में गड़बड़ी उजागर होने पर जेबीसी चलाकर काम को रोक दिया गया।

मामला बस्तर संभाग के बीजापुर जिले के भैरमगढ़ ब्लॉक की चिंगेर पंचायत से सामने आया है। इस ग्राम पंचायत में बन रहे स्कूल भवन का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में कथित तौर पर निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल उठाए गए हैं। इसमें दिखाया जा रहा है कि भवन में इस्तेमाल किया गया मटेरियल इतना घटिया है कि उसे डंडे से आसानी से उखाड़ा जा रहा है। इस घटिया निर्माण कार्य में भ्रष्टाचार और लापरवाही की आशंका को जन्म दिया है। ठेकेदार द्वारा मानकों के अनुरूप मटेरियल का उपयोग न कर घटिया स्तर मटेरियल से के काम को अंजाम दिया। प्रशासन व शिक्षा विभाग अधिकारी द्वारा ऐसे भ्रष्ट ठेकेदार व तकनीकों खामियों को छिपाने वाले संबंधित इंजीनियर जो बच्चों की जान के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं ऐसे लोगों पर सख्त कार्रवाई करें। नक्सल मुक्त दूरस्थ और अंदरूनी इलाकों में ऐसे स्कूलों का निर्माण कराया जा रहा है उसमें सवाल उठाने लगे हैं। जिले में नक्सलवाद का प्रभाव खत्म होने ही ग्रामीणों में बुनियादी सुविधाएं सहित स्कूल अस्पताल व राशन की मांग उठने लगी है। प्रशासन द्वारा बहुत से क्षेत्रों में सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। जिले में इस तरह के घटिया निर्माण पर आरोप लगते हैं लेकिन प्रशासनिक कार्रवाई शून्य है। निर्माण कार्य में ठेकेदार और संबंधित इंजीनियर मिलकर घटिया सामग्री का उपयोग कर सरकारी धन का दुरुपयोग कर रहे हैं। ऐसे निर्माण कार्य की खबर मिलते ही संबंधित विभाग द्वारा जेसीबी से निर्माण में लगे मटेरियल हटाकर पुनः कार्य करने के प्रयास में लगे हैं।अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई करता है या फिर यह मामला अन्य मामलों की तरह दबकर रह जाता है?
