सैन्य स्कूल का सफर तय करंगे नक्सलगढ़ के बच्चे,
सीएएफ 15 वीं वाहिनी के अफसर-जवानों ने दिखाई नई राह,
नवोदय के साथ सैनिक स्कूल में दाखिल कराने दे रहे मार्ग दर्शन
बीजापुर:- नक्सलवाद के घुप्प अंधेरे के बीच बीजापुर में तैनात छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल 15 वी वाहिनी ने बच्चों को नई राह दिखाई है। सीईओ सुजीत कुमार के मार्गदर्शन में धनोरा में तैनात 15 वी वाहिनी के उच्च षिक्षित जवान-अफसर बच्चों को नवोदय के साथ-साथ सैनिक स्कूल हेतु आयोजित प्रवेश परीक्षा की तैयारी करवा रहे हैं। सीएएफ की यह पहल बीजापुर जैसे धुर माओवाद प्रभावित इलाके में पहली दफा है। जब नक्सलियों से मोर्चा ले रहे अफसर-जवान बच्चों को नवोदय, सैनिक स्कूल के लिए तैयार कर रहे हैं। संवाददाता से खास बात चीत में सीईओ सुजीत कुमार ने कहा कि बस्तर में नक्सलवाद पनपने की मुख्य वजह व्याप्त निरक्षरता, इलाके का पिछड़ापन है। भावी पीढ़ी को उचित मार्गदर्शन मिले तो यहां हालात जल्द सम्भलने लगेंगे। इसी उद्देश्य को लेकर वाहिनी के उच्च शिक्षित जवान-अफसरों की एक टीम पिछड़े इलाके के बच्चों को नवोदय-सैनिक स्कूल प्रवेश परीक्षा की तैयारी में मार्गदर्षन दे रहे हैं। गणित, तर्कशक्ति, सामान्य ज्ञान जैसे विषयों पर बच्चों की पकड़ मजबूत बनाने के साथ एग्जाम पैटर्न से वाकिफ कराने बकायदा ओएमआर शीट पर उनके टेस्ट भी लिए जा रहे हैं। प्रत्येक रविवार को कक्षाएं लग रही है। जिसके सुखद परिणाम अभी से दिखने लगे हैं। प्रतियोगी परीक्षा को लेकर बच्चों के मानसिक स्तर में सुधार हो रहा है। सीईओ सुजीत कुमार की मानें तो उनकी मंशा है कि यहां के बच्चे मुख्यधारा से भटकने के बजाए आगे चलकर काबिल बने और उनका योगदान देश के विकास में हो। निश्चित ही वाहिनी की यह पहल आगे चलकर माओवाद समस्या से जूझ रहे इस इलाके लिए मील का पत्थर साबित होगा।
